कश्मीर में आतंकवाद के कारण मरने वाले लोगों की याद में विस्थापित कश्मीरी पंडितों ने शुक्रवार को शहीद दिवस मनाया। उन्होंने कश्मीर में संविधान के अनुच्छेद 370 की समाप्ति की मांग करते हुए पूरे अधिकारों के साथ कश्मीर वापसी की मांगों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपा। भारी संख्या में एकत्रित कश्मीरी पंडितों ने जंतर-मंतर पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीदों की याद में कैंडल मार्च निकाला गया।
(सभी फोटोज- कुमार संजय/अमर उजाला/नई दिल्ली)
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Kashmiri protest
- फोटो : Kumar Sanjay
कश्मीरी समिति दिल्ली के अध्यक्ष विजय रैना ने कहा कि उनकी मांग है कि कश्मीर में लागू संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाया जाए और पूरे अधिकारों के साथ पंडितों की कश्मीर वापस करवाई जाए। उन्होंने कहा कि कश्मीर में आतंकवाद के कारण अब तक हजारों कश्मीरी पंडितों की मौत हो चुकी है।
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उनके हत्यारों को सजा दिलाने के लिए सरकार कड़े कदम उठाए, ताकि शहीद हुए लोगों को न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों को कश्मीर से आंतरिक रूप से विस्थापित कर दिया गया है। 28 साल से कश्मीरी पंडितों का समुदाय अपने ही देश में रिफ्यूजी की तरह जीवन व्यतीत कर रहा है। उन्हें कश्मीर में उनकी जमीन पर सभी मूलभूत अधिकारों के साथ रहने के लिए भेजा जाए।
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इस मौके पर सेवानिवृत्त मेजर जनरल जीडी बक्शी भी उपस्थित हुए। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए, ताकि कश्मीरी पंडितों के अधिकारों की रक्षा हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार ने कई बार विस्थापित कश्मीरियों को वापस भेजने के वायदे किए, लेकिन एक बाद भी सरकार इन पर खरी नहीं उतरी। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार उनकी घर वापसी को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाती जो वे अपनी आवाज तेज करेंगे।