सिर से बहता खून, हाथ में पिस्टल और सड़क से खेत की ओर लड़खड़ाते हुए भाग रहे इंस्पेक्टर बार-बार चिल्ला रहे थे, मुझे चोट लगी है, अब मेरे पास मत आओ-मुझे मत मारो। लेकिन, आरोपियों के सिर पर तो खून सवार था, इंस्पेक्टर की हत्या करने के बाद भी आरोपियों का दिल नहीं पसीजा और कार में लटके इंस्पेक्टर के शव को जलाने के लिए गाड़ी में पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी थी।
बुलंदशहर बवाल: बोल रहे थे इंस्पेक्टर... मुझे चोट लगी है, अब मत मारो
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इंस्पेक्टर खुद को बचाने के लिए खेत की ओर लड़खड़ाते हुए भाग रहे थे और आरोपियों को अपने पास आने से रोक रहे थे। लेकिन, आरोपी कहां रुकने वाले थे। उन्होंने इंस्पेक्टर को घेर कर मौत के घाट उतार दिया। आरोपियों का दिल यहीं नहीं पसीजा। जब कुछ पुलिसकर्मी इंस्पेक्टर को खेत से गाड़ी में डालकर ले जाने की कोशिश करने लगे तो आरोपी वापस आ गए और पुलिसकर्मियों को खदेड़ दिया।
इसके बाद भीड़ में मौजूद आरोपी इंस्पेक्टर को मृत समझकर भाग निकले थे। कुछ देर बाद आरोपी वापस आए और इंस्पेक्टर की गाड़ी में आग लगा दी थी। इससे इंस्पेक्टर के एक पैर का जूता जल गया था। आरोपी इंस्पेक्टर की हत्या के बाद उन्हें जलाना चाहते थे। लेकिन, करीब दस मिनट बाद मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने इंस्पेक्टर को बाहर निकाला और अस्पताल लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना स्थल पर आरोपी इंस्पेक्टर को दौड़ा-दौड़ा कर मार रहे थे। इस दौरान वहां मौजूद अन्य पुलिसकर्मी अपनी जान बचाकर भाग निकले थे। हालांकि अधिकारी मौके से भागे पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई एक्शन लेंगे या नहीं, यह अब तक साफ नहीं हो सका है।
इंस्पेक्टर आरोपियों से भागते हुए कह रहे थे कि अब पास मत आओ, मुझे चोट लगी है। इसके बावजूद आरोपी नहीं माने और इंस्पेक्टर को घेर कर मौत के घाट उतार दिया। - प्रभाकर चौधरी, एसएसपी