पुलवामा हमले से दो दिन (12 फरवरी) पहले श्रीनगर में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में घायल हुए नायक हवलदार संदीप मंगलवार को शहीद हो गए। पैरा यूनिट में तैनात नायक हवलदार संदीप को चार गोलियां व ग्रेनेड के छर्रे लगे थे। संदीप कश्मीर स्थित सेना अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थे, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं पाए। शहीद संदीप का पार्थिव शरीर बुधवार को फरीदाबाद के अटाली गांव लाया जाएगा। बता दें कि शहीद संदीप को जिस दिन गोली लगी थी, उसी दिन उसका जन्मदिन भी था।
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- फोटो : अमर उजाला
फौजियों का परिवार है
पैरा यूनिट में नायक हवलदार संदीप का पूरा परिवार फौज से जुड़ा हुआ है। संदीप के अलावा उसके ताऊ भानवीर का बेटा गजेंद्र, ताऊ महावीर का बेटा कुलदीप व चाचा महेश का बेटा प्रवेश भी सेना में हैं। इसके अलावा इनमें कुनबे के चार बुजुर्ग सेना से सेवानिवृत्त हैं।
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दो दिन पहले यानी 17 फरवरी को अमर उजाला से बातचीत में शहीद संदीप के पिता नैनपाल ने कहा था कि कश्मीर में आए दिन आतंकी हमले हो रहे हैं और हमारे जवान उसका मुंह तोड़ जवाब भी दे रहे हैं। मगर सीआरपीएफ पर हुए हमले के बाद पूरा देश आहत है और पाकिस्तान को इसका मुंह तोड़ जवाब देने की जरूरत है।
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शहीद संदीप के परिजनों की आर्थिक मदद की जाएगी
बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष व न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट एलएन पाराशर ने संदीप की शहादत पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि वह अपनी ओर से शहीद के परिजनों की हर संभव मदद करेंगे। पाराशर ने कहा कि आतंकवादियों और कश्मीर के पत्थरबाजों को जल्द सबक सिखाया जाए।
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उन्होंने कहा कि मैं प्रयास करूंगा कि बार एसोसिएशन के वकील भी संदीप के परिजनों की मदद करें। पाराशर ने कहा कि एक हफ्ते में देश के कई जवान शहीद हो गए। केंद्र सरकार अब भी कोई बड़ी कार्रवाई नहीं कर रही है, इससे आतंकियों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने कहा कि भारत को पाकिस्तान पर जल्द ही बड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। इस समय पूरा देश सरकार और सेना के साथ खड़ा है।