पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम जहां अपने सादा मिजाज के लिए जाने जाते थे, वहीं उनके कपड़े भी कई मायनों में बेहद अलग रहे। जिस तरह भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की 'नेहरू जैकेट' लोगों के बीच खासी पसंद की गई वैसे ही कलाम साहब का सूट भी लोगों से जुड़ गया। डॉ. कलाम की पहली पुण्यतिथि पर जानिए कुछ खास बातें।
तस्वीरें: वो तीन खास सूट जो नहीं पहन पाए डॉ कलाम
पूर्व राष्ट्रपति कलाम कहते थे कि मैं कभी बंदगला सूट में फंसना नहीं चाहता। दिल्ली की एक खास दुकान पर इस वजह से कलाम साहब अपना सूट बनवाते थे। कलाम साहब के तीन सूट जो करोल बाग की एक शॉप में अभी मौजूद हैं वो अब कभी भी उन तक नहीं भेजे जा सकते। देश ने जहां अपना पूर्व राष्ट्रपति खोया था तो वहीं दूसरी ओर अमन जॉयसवाल ने अपना सबसे प्रसिद्ध ग्राहक।
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अमन कहते हैं कि हम ज्यादातर कोशिश करते थे कि हम उनसे जुड़े रहें, और उनकी पसंद के अनुसार बेहतर से बेहतर सूट जो हम बना सकते हैं वो उनके लिए बनाकर दें।
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जब वो पहली बार हमारी दुकान में आए थे तो वो एक नियमित ग्राहक की तरह आए थे और हमने भी उन्हें नियमित ग्राहक की तरह ही तवज्जो दी। ये बात 20 साल पहले की है जब वो एक वैज्ञानिक और डीआरडीओ के एक प्रशासक थे। उनके अंदाज बेहद सादा थे और उनकी जरूरतें भी उन्हीं की तरह थीं। उस वक्त वो गहरे रंग की पैंट और आसमानी नीले रंग की कमीज पहनना ज्यादा पसंद करते थे।
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कलाम साहब जब राष्ट्रपति बने तो मैं और मेरा स्टाफ बहुत उत्साहित थे। कुछ समय पहले तक वो हमारे नियमित ग्राहक थे और फिर हमने सुना की उनका नाम राष्ट्रपति के पद के लिए मनोनीत हुआ है। राष्ट्रपति भवन से हमारे पास फोन आया और उन्होंने कहा कि मुझे एक बंदगला सूट चाहिए, लेकिन मेरे सहयोगी कहते हैं कि उससे गला चोक हो जाता है। मैं नहीं चाहता कि मेरा गला चोक हो जाए जिससे मैं अपने विचारों को अभिव्यक्त ना कर पाउं। जाहिर हैं मैं ऐसा बिल्कुल नहीं चाहता। तो बताओ इस परिस्थिति से कैसे बाहर निकला जाए।