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होली के ऐसे रंगों से हो सकती है दमा जैसी खतरनाक बीमारी, खरीदते वक्त रखें ये सावधानी

Mon, 26 Feb 2018 04:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 26 Feb 2018 04:10 PM IST
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if you play holi with cheap colors, you can suffer from diseases like asthma
holi - फोटो : G. pal

अगर इस होली आपने नहीं रखी ये सावधानी तो आपको दमा जैसी गंभीर बीमारी का करना पड़ सकता है सामना.. (फोटो- जी. पाल)

if you play holi with cheap colors, you can suffer from diseases like asthma
holi - फोटो : अमर उजाला

हर कोई होली की तैयारी कर रहा है। बाजार भी रंग और पिचकारी से गुलजार हैं। वहीं, त्योहार को लेकर चिकित्सकों ने भी लोगों को आगाह किया है। उनका कहना है कि चिकने और सस्ते रंग न सिर्फ लोगों को त्वचा की बीमारी दे सकते हैं, बल्कि इनसे दमा भी हो सकता है। सिंथेटिक रंगों का इस्तेमाल लोगों ने कम कर दिया है। गुलाल खरीदते वक्त भी लोग ध्यान नहीं देते हैं। मुनाफे के चक्कर में दुकानदार सस्ता और खराब गुणवत्ता वाले गुलाल दे देते हैं। 

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holi - फोटो : अमर उजाला

पिछले साल आए थे ऐसे केस 
महर्षि वाल्मीकि अस्पताल के डा. पंकज सोलंकी का कहना है कि पिछले वर्ष कई ऐसे मरीज देखने को मिले हैं, जिन्हें गुलाल लगने के बाद श्वास लेने में तकलीफ हुई। हालांकि, मरीजों ने तत्काल अस्पताल में संपर्क किया। अगर देरी करते तो दमा की शिकायत होने की आशंका और ज्यादा बढ़ गई होती। वहीं, पश्चिम विहार स्थित आयुर्वेद सेंटर के चिकित्सा अधीक्षक डा. आर पी पाराशर बताते हैं कि क्रोमियम, सिलिका, लेड, अल्कालाइन और कांच का चूरा रंगों में मिला होता है।  त्वचा को नुकसान के साथ आंखों में संक्रमण, अल्पकालीन अंधत्व, दमा और स्किन कैंसर जैसे रोग होने का भी खतरा बढ़ जाता है। उनका कहना है कि हर्बल रंग और गुलाल से ही होली खेलें। 

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HOLI - फोटो : अमर उजाला

यूं समझे रंगों का खेल
आई-7 क्लिनिक की नेत्ररोग विशेषज्ञ डा. सारिका जिंदल बताती हैं कि लाल रंग मरक्यूरी सल्फेट से बनता है। इससे आंखों को सबसे ज्यादा खतरा होता है। अक्सर लोग लाल रंग को अच्छा मानते हैं। लेकिन कम लोगों को पता होता है कि लाल गुलाब भी आंखों में संक्रमण दे सकता है। जबकि हरे रंग में कॉपर सल्फेट मौजूद होने से आंखों में एलर्जी हो सकती है। सिल्वर रंग एल्यूमिनियम ब्रोमाइड से बनाया जाता है। जिससे कैंसर तक हो सकता है। जबकि काला रंग लेड आक्साइड से बने होने के कारण किडनी पर असर डाल सकता है। 

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holi - फोटो : अमर उजाला

शरीर पर लगाएं सरसों का तेल
मैक्स अस्पताल के डा. रजनीश मल्होत्रा बताते हैं कि होली खेलने से पहले लोगों को अपने शरीर पर सरसों का तेल या अन्य कोई क्रीम लगानी चाहिए। ताकि रंग का प्रभाव त्वचा पर न पड़ सके। हालांकि, इसके बाद भी लोगों को परेशानी होती है। ऐसे में तत्काल ठंडे पानी से रंग को धोना और तत्काल चिकित्सक से संपर्क करना ही विकल्प है।

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