दिल्लीः बारिश में डिपो से बाहर नहीं निकल सकीं 44 बसें, चालक और परिचालक भी बेहाल
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राजधानी में मंगलवार को सुबह से शुरू हुई झमाझम बारिश ने डीटीसी बस यात्रियों की मुसीबत बढ़ा दी। इस दौरान डीटीसी की बसों में बारिश का पानी टपकने से यात्री तो परेशान हुए ही साथ ही बस चालकों और कंडक्टरों की हालत भी बेहाल हुई।
तेज बारिश के दौरान हुए जलभराव में फंसकर दिल्ली के कई इलाकों में बसों के खराब होने से यात्रियों की मुसीबत और बढ़ गई। इस बारिश का असर डीटीसी बसों के संचालन पर भी पड़ा जिसकी वजह से 44 बसें सड़क पर नहीं उतारी जा सकीं।
दिल्ली के सभी इलाकों में सुबह करीब 8 बजे से बारिश शुरू हुई और काफी देर तक बारिश की वजह से सड़के जलमग्र हो गयीं। इस दौरान जलभराव वाले इलाकों में डीटीसी बसों को चलाने में बस चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश का पानी कई जगहों पर बसों के अंदर तक घुस गया। इतना ही नहीं तेज बारिश में एक बाहर फिर डीटीसी बसों की पोल खुल गई। बसों की छतों से पानी अंदर रिसने के कारण यात्री बस में भीग गए। जहां यात्रियों ने दिल्ली की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को लेकर दिल्ली सरकार के प्रति नाराजगी जताई।
इसी दौरान डीटीसी रूट संख्या 34 मेहरौली-नोएडा सेक्टर 37 की डीएल1पीसी 3151 बस में बारिश का पानी बस चालक पर लगातार गिरता रहा है और चालक मजबूरी में बच चलाता रहा।
बारिश के कारण पूरी बस के अंदर सीटों और फर्श पर पानी ही पानी हो गया, फिर भी बस के किमी पूरे करने के लिए चालक बस को चलाता रहा। एक बस यात्री ने शिकायत में बताया कि जब बस के चालक और परिचालक ही बस में बारिश से नहीं बच पार रहे हैं तो यात्रियों को कैसे बचा सकते हैं।
वहीं डीटीसी के अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को डीटीसी की मौजूदा फ्लीट 3409 में से 3365 बसें ही सड़क पर उतर सकीं। इस बीच रोहिणी-1 डिपो से सबसे ज्यादा करीब 33 बसों को सड़कों पर नहीं उतारा जा सका। लिहाजा सुबह की फ्लीट में 44 बसें डिपो से बाहर नहीं निकल सकीं।