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हाईकोर्ट को सच्ची नहीं लगी अंजू के मां-बाप की बात, इस आधार पर किया सुहैब को बरी

Sat, 06 Oct 2018 12:15 PM IST
विजय सिंघल, अमर उजाला, नई दिल्ली
विजय सिंघल, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 06 Oct 2018 12:15 PM IST
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HC Denies to Anju mother sister and father steatment in court on Suhaib Ilyasi case
Suhaib Ilyasi

निचली अदालत ने इंडिया मोस्ट वांटेंड से चर्चा में आए सुहैब इलियासी को जिन साक्ष्यों व गवाहों के बयानों के आधार पर दोषी ठहराया था उन्हीं गवाहों के बयानों को हाईकोर्ट ने अविश्वनीय करार दिया है। अदालत ने इलियासी की पत्नी अंजू की मां, बहन व पिता को विश्वनीय गवाह मानने से इंकार कर दिया। इतना ही नहीं अदालत ने चिकित्सा व फोरेंसिक रिपोर्ट पर भी कई सवाल खड़े किए हैं। अदालत ने माना कि इलियासी के खिलाफ ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है, जिसके आधार पर उसे दोषी ठहराया जाए। इतना ही नहीं इलियासी को दहेज प्रताड़ना व दहेज हत्या के आरोप से बरी करने संबंधी अदालत के फैसले को चुनौती न देना भी उसके लिए फायदेमंद साबित हुआ। न्यायमूर्ति एस.मुरलीधर व न्यायमूर्ति विनोद गोयल की खंडपीठ ने 112 पृष्ठों के फैसले में अभियोजन पक्ष की स्टोरी पर कई अहम सवाल उठाने के अलावा अंजू के परिवार द्वारा दिए बयानों पर भी सवाल खड़ा किया है। वहीं अदालत ने इलियासी के पीएसओ रहे दिल्ली पुलिस के जवान के बयानों को विश्वनीय माना है।

HC Denies to Anju mother sister and father steatment in court on Suhaib Ilyasi case
Suhaib Ilyasi

बरी करने के फैसले के आधार     
खंडपीठ ने कहा ट्रायल कोर्ट ने अपने फैसले में याची इलियासी को दहेज प्रताड़ना व दहेज हत्या के आरोप से बरी कर दिया था। अदालत ने अंजू की मां रूकमा सिंह, बहनों रश्मि सिंह, रीटा व पिता केपी सिंह के बयानों पर संदेह जताया था। अदालत ने कहा इन सभी ने अंजू को देहज के लिए प्रताड़ित करने व बच्ची के जन्म के दौरान अस्पताल का बिल तक न देने का आरोप लगाया था, लेकिन दूसरी तरफ इन्होंने इस फैसले को चुनौती तक नहीं दी। खंडपीठ ने कहा गवाहों के बयानो से ही पता चलता है कि इलियासी व अंजू एक दूसरे को गहराई से प्यार करते थे। दहेज प्रताड़ना संबंधी रिपोर्ट कभी भी दर्ज नहीं करवाई गई। इसके अलावा अंजू की मृत्यु के तुंरत बाद भी कोई शिकायत नहीं की गई थी।

HC Denies to Anju mother sister and father steatment in court on Suhaib Ilyasi case
suhaib ilyasi

चिकित्सा रिपोर्ट पर सवाल       
खंडपीठ ने कहा अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर पाया कि यह मानव वध था। चिकित्सा व फोरेंसिक रिपोर्ट में मात्र इतना ही कहा गया कि मौत रसोई घर के चाकू के घाव से हुई। अदालत ने कहा मेडीकल बोर्ड की रिपोर्ट में कई अहम तथ्यात्मक त्रुटियां पाई गई है, वहीं विशेषज्ञों की राय में भी त्रुत्रियां नजर आ रही हैं। वे मृत्यु पर एकमत नहीं थे। इसी प्रकार घटनास्थल से मिले फिंगरप्रिंट से याची के प्रिंट के मिलान नहीं हो पाए। स्पष्ट है कि वह संदेह का हकदार है। इसी प्रकार यह भी साबित नहीं हो पाया कि आखिर अपराध कैसे हुआ?     

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suhaib ilyasi

पीएसओ का बयान अहम       
अदालत ने कहा अंजू की मौत के बाद सबसे पहले याची के अलावा पीएसओ ही घटनस्थल पर गया था। उसके बयान से स्पष्ट है कि अंजू कह रही थी कि उससे गलती हुई है और पति से जीवन बचाने के लिए कह रही थी। बयानों से स्पष्ट है कि उसे जब अस्पताल ले जाया गया वह जिंदा थी। इससे यह भी स्पष्ट है कि मृतका को चिकित्सा देने में देरी नहीं हुई। 

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suhaib ilyasi

अदालत ने कहा गवाह दिल्ली पुलिस का जवान है और अभियोजन पक्ष ने कभी नहीं कहा कि उसने याची को बचाने का प्रयास किया है। ऐसे में यह विश्वनीय गवाह है। जहां तक याची के फर्जी पासपोर्ट व डिग्री का सवाल है यह झगड़े का कारण नहीं था।  अदालत ने यह भी कहा मृतका की बहने, पिता व मां के बयानों में विरोधाभास है और उनकी नजर में याची के खिलाफ ठोस साक्ष्य नहीं है। ऐसे में वे निचली अदालत के फैसले को रद्द करते हैं। सुहैब इलियासी व अंजू के बीच 1993 में जामिया में पढ़ाई के दौरान प्यार हुआ। उनका विवाह लंदन में सादे समारोह में हुआ।

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