गुरुग्राम सेक्टर-49 स्थित उप्पल साउथ एंड सोसायटी में पत्नी और बच्चों की हत्या करने के बाद आत्महत्या करने वाले वैज्ञानिक डॉ श्रीप्रकाश सिंह का अतीत बेहद शानदार रहा है। 1991 से 1995 तक बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में पढ़ाई के दौरान श्रीप्रकाश की दोस्ती कोमल उर्फ सोनू सिंह से हो गई थी।
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gurugram murder and suicide
- फोटो : सुदर्शन झा
बीएचयू से एमएसएसी में दोनों ने गोल्ड मेडल हासिल किया। इस दौरान दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई और प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि पीएचडी के दौरान ही दोनों ने घरवालों की मर्जी के खिलाफ प्रेम विवाह कर लिया।
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मृतकों के परिजन
- फोटो : सुदर्शन झा
परिजनों ने पुलिस को दी जानकारी में बताया कि 24 वर्ष पूर्व दोनों के प्रेम विवाह से दोनों के परिवार के लोग खुश नहीं थे। समय बीतने के साथ हालांकि दोनों परिवारों में आना-जाना और बातचीत शुरू हो गई लेकिन दोनों ही परिवार दिल से कभी एक दूसरे से नहीं जुड़ पाए। यही कारण था कि 24 वर्षों बाद दोनों के प्यार की डोर एक साथ टूटने पर परिवार के लोग भी एक दूसरे से जुड़ते नहीं दिखे।
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गुरुग्राम स्थित उप्पल साउथ एंड सोसाइटी स्थित मकान में हुए हत्याकांड में मृतक श्रीप्रकाश को कंधा देतीं उनकी बहनें
- फोटो : सुदर्शन झा
मंगलवार को चारों की चिताओं को पोस्टमार्टम हाउस से ले जाने को लेकर भी परिवारों के बीच मतभेद देखने को मिला। श्रीप्रकाश की भांजी सोनल ने बताया कि जब मैं दसवीं कक्षा में थी तभी नानाजी की मौत हो गई थी। इसके बाद मामाजी (श्रीप्रकाश) हमारी नानीजी को अपने साथ ही रखते थे।
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उप्पल साउथएंड सोसाइटी स्थित मकान में हुए हत्याकांड के दूसरे दिन पसरा सन्नाटा
- फोटो : सुदर्शन झा
उनके एक दूसरी रिश्तेदार ने बताया कि मुन्ना (श्रीप्रकाश) का स्वभाव हंसमुख और सरल था, जबकि सोनू थोड़ी गुस्सैल प्रवृति की थी। इसे लेकर उनकी सास हमेशा शिकायत करती थी। सोनल ने बताया कि पारिवारिक झगड़ों के बावजूद मामा-मामी दोनों एक दूसरे को प्यार बहुत करते थे। वे किसी की हत्या नहीं कर सकते।