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रातों-रात बर्बाद हो जाती सारी फसल, गुरुग्राम के लोगों ने टिड्डी दल को ऐसे हराया
Sun, 28 Jun 2020 02:54 PM IST
प्राची प्रियम
विनोद डबास, गुरुग्राम
विनोद डबास, गुरुग्राम
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sun, 28 Jun 2020 02:54 PM IST
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टिड्डी दल का हमला
- फोटो : अमर उजाला
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गुरुग्राम में शनिवार को आया टिड्डी दल फसलों व पेड़-पौधों को भारी नुकसान पहुंचा सकता था। दरअसल इस दल ने पूरे जिले को घेर लिया था और दल ने खेतों और शहरी क्षेत्र में डेरा डालने का खूब प्रयास किया, लेकिन लोगों की सक्रियता और तेज हवा ने टिड्डी दल के मंसूबे पूरे नहीं होने दिए।
टिड्डी दल का हमला
- फोटो : अमर उजाला
लोगों की ओर से विभिन्न माध्यमों से शोर करने के कारण टिड्डी दल रुक नहीं सका और आसमान में उड़ने के दौरान तेज हवाओं ने उन्हें जिले से बाहर भेज दिया। टिड्डी दल ने दो ओर से प्रवेश करके चार हिस्सों में बंटकर जिले में भारी तबाही मचाने का प्रयास किया।
टिड्डी दल का हमला
- फोटो : अमर उजाला
इसके लिए दल ने खेतों और शहरी क्षेत्रों में डेरा डालने की भी कोशिश की, लेकिन पहले ग्रामीण इलाके में लोगों ने पटाखे, टिन के डिब्बे बजाकर और धुएं के जरिए टिड्डियों के पंजे टिकने नहीं दिए। इसके बाद शहरी क्षेत्र में भी लोगों ने थाली, प्लेट, म्यूजिक बजाकर टिड्डी दल को भगाने का कार्य किया।
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टिड्डी दल का हमला
- फोटो : अमर उजाला
दूसरी ओर टिड्डी दल के पंजे उखाड़ने में तेज हवा ने भी अहम भूमिका निभाई। लोगों की ओर से विभिन्न माध्यम से शोर मचाने पर टिड्डियों को आसमान का रुख करना पड़ा और हवा के तेज झोंकों ने उन्हें जिले से बाहर कर दिया। दरअसल दो घंटे तक जिले को घेरने वाले टिड्डी दल की रफ्तार हवा तेज होने की वजह से बढ़ गई।
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टिड्डी दल का हमला
- फोटो : अमर उजाला
दूसरी ओर जिले के लिए राहत की बात यह रही कि टिड्डी दल दिन के समय पहुंचा। यह दल दिन में कम रुकता है। यह दल आम तौर पर रात के समय डेरा जमाता है। रात के समय टिड्डियां पेड़-पौधों के पत्तों को खातीं हैं और बच्चों को भी जन्म देतीं है। बच्चे तत्काल नहीं उड़ पाते हैं, लिहाजा नए टिड्डी दल का उदय हो जाता है।