गुरुग्राम के अशोक विहार फेज-3 शनिवार रात को करीब 11 बजे 14 गोलियों की आवाज से दनदना उठा। एकाएक चलीं गोलियों की आवाज सुनकर गली के लोग बाहर निकल आए। पड़ोसियों के अनुसार वारदात से पहले पति-पत्नी के बीच झगड़ा हो रहा था और बेटे के बोलने की भी आवाजें आ रही थीं। इसके बाद घर की तीसरी मंजिल से एकाएक गोलियां चलने व रोने-चिल्लाने की आवाज आई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि आशा तंवर के हाथ, सिर व पीठ पर करीब चार गोलियां और प्रशांत तंवर के सिर, मुंह व पैर पर करीब सात गोलियां लगी हैं। सूचना मिलते ही सेक्टर-5 थाने की पुलिस व आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। हालांकि, तब तक आशा तंवर व प्रशांत तंवर की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने मौके से अनिल कुमार तंवर को गिरफ्तार किया था।
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मृतक मां और बेटे का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपी की बेटी ने पुलिस को बताया वह अपने मायके आई हुई थी। शनिवार की रात करीब 11 बजे उनके पिता अनिल कुमार तंवर व मां आशा तंवर घर की तीसरी मंजिल पर सोने गए थे। जबकि उसका भाई प्रशांत व भाभी पहली मंजिल पर थे। कुछ देर बाद ही उसके माता-पिता के बीच झगड़ा होने की आवाज सुनाई दी तो वह तीसरी मंजिल पर पहुंची तो उसके पिता मां के थप्पड़ मार रहे थे।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
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माता-पिता के झगड़े की आवाज सुनकर प्रशांत भी तीसरी मंजिल पर आ गया और अपने पिता को समझने की कोशिश करने लगा। इस दौरान तीनों के बीच झगड़ा काफी बढ़ गया और उसके पिता अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर लेकर आए। उसने अपनी पत्नी व बेटे को गोलियां मारनी शुरू कर दी।
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इसी घर में हुई दो हत्या
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गोलियों की आवाज सुनकर प्रशांत की पत्नी भी ऊपर आ गई और उसने काफी कोशिश की अनिल रूक जाए लेकिन आरोपी नहीं माना। पत्नी व बेटे को गोलियां मारता रहा। आरोपी अनिल ने कुल 14 गोलियां चलाई, जोकि मां-बेटे को कई जगह लगीं।
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गुरुग्राम में डबल मर्डर
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2007 में बनवाया था रिवॉल्वर का लाइसेंस
अनिल तंवर ने 2007 में रिवॉल्वर का लाइसेंस बनवाया था। वह वर्तमान में सेक्टर-44 स्थित आरओएफ रियल एस्टेट और हाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी में सिक्योरिटी ऑफिसर की नौकरी कर रहा है। आशा तंवर कार्टरपुरी में लॉर्ड शिवा पब्लिक स्कूल चलाने के साथ ही प्रधानाचार्य भी थी।