{"_id":"62d8f1407457f25428631487","slug":"haryana-dsp-surender-singh-murder-case-half-the-village-became-empty-after-the-police-raid-at-midnight","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"DSP Murder: पचगांव में दहशत का साया, गलियां सूनीं...घरों पर ताले, पुलिस की दबिश के बाद आधा गांव खाली, तस्वीरें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
DSP Murder: पचगांव में दहशत का साया, गलियां सूनीं...घरों पर ताले, पुलिस की दबिश के बाद आधा गांव खाली, तस्वीरें
Thu, 21 Jul 2022 12:12 PM IST
शाहरुख खान
संजय शिशौदिया/शाहिद हसन मेवाती, अमर उजाला, गुरुग्राम
संजय शिशौदिया/शाहिद हसन मेवाती, अमर उजाला, गुरुग्राम
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 21 Jul 2022 12:12 PM IST
विज्ञापन
DSP Surender Murder
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीएसपी सुरेंद्र सिंह बिश्नोई की डंपर से कुचलकर हत्या करने वाले खनन माफिया के दुस्साहस से हर कोई हतप्रभ है। घटना के बाद से पुलिस की कार्रवाई को देखते हुए मुख्य आरोपी शब्बीर उर्फ मित्तर के गांव पचगांव के ज्यादातर लोग अपने-अपने मकानों को ताला लगाकर अन्य जिलों में रहने वाले रिश्तेदारों के घर चले गए हैं। जो लोग अभी गांव में हैं, वह दहशत के कारण मकानों के अंदर ही दुबके हुए हैं। उन्हें डर है कि कहीं पुलिस का कहर उन पर न टूट पड़े। ऐसे में बुधवार को गांव की गलियों में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। उधर, इस जघन्य हत्याकांड के विरोध में तावडू के कारोबारियों ने बाजार बंद कर विरोध जताया। इस दौरान लोगों की आंखों में गम, गुस्सा और गुबार साफ देखने को मिला। लोगों का कहना था कि इस मामले में दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। पचगांव और आसपास पुलिस की ओर से मगंलवार देर रात तक आरोपियों की तलाशी के लिए चलाए गए सर्च अभियान के डर से कुछ ग्रामीण तो अपने मवेशियों को भी साथ ले गए।
आरोपी ड्राइवर का घर
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीण पत्रकारों को भी पुलिस समझकर उनसे भी बात करने के लिए तैयार नहीं है। असलम, हजरू, हन्नी, जमालुदीन आदि ने बताया कि घटना के बाद से ग्रामीण दहशत में है। कई लोग घरों में ताला लगाकर मवेशियों को छोड़कर चले गए है। ग्रामीणों की पुलिस प्रशासन से मांग है कि घटना में जो लोग संलिप्त हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और ग्रामीणों में फैले पुलिस के खौफ को दूर किया जाए।
DSP Surender Murder
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, पुलिस का कहना है कि ग्रामीणों को डरने की जरूरत नहीं है। किसी भी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन आरोपियों को संरक्षण देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। तीन ओर से अरावली से घिरा पचगांव अरावली पर्वतमाला की तलहटी में बसा है। यहां से पहाड़ बहुत ही कम दूरी पर है। कच्चे रास्ते पर खनन का पत्थर लेकर आने वाले डंपर और ट्रेैक्टर दौड़ते रहते हैं। गांव के ज्यादातर लोग या तो दिहाड़ी मजदूर हैं, या फिर वाहन चालक।
विज्ञापन
विज्ञापन
सूना पड़ा गांव
- फोटो : अमर उजाला
कुछ ऐसे भी हैं जिनके पास खुद के डंपर हैं। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से गांव के ज्यादातर लोग खनन से किसी ने किसी रूप में जुड़े हुए हैं। गांव में ज्यादातर घरों के बाहर भी पत्थरों के ढेर नजर आते हैं। कई मकानों की दीवारें तक पत्थर की बनी हुई हैं। डीएसपी हत्याकांड के मुख्य आरोपी शब्बीर के घर के सामने मैदान में भी पत्थरों का ढेर पड़ा था।
विज्ञापन
पचगांव में सूनी पड़ीं गलियां
- फोटो : अमर उजाला
जगह-जगह नजर आते हैं अवैध खनन के निशान
पचगांव से चंद कदमों की दूरी पर ही अरावली में अवैध खनन की कहानी साफ नजर आती है। जगह-जगह पहाड़ की तलहटी में बारूद लगाकर इस तरह से ढांग बनाई गई हैं कि वहां डंपर से लेकर ट्रैक्टर टॉली तक में पत्थर भरे जाते हैं। जिस जगह डीसीपी सुरेंद्र सिंह को कुचला गया वहां पत्थर खनन के साथ ही डंपर के पहियों के निशान भी स्पष्ट दिख रहे हैं। यहां एक ओर पत्थर खनन हो रहा है तो दूसरी ओर मिट्टी का भी अवैध खनन साफ देखा जा सकता है।
पचगांव से चंद कदमों की दूरी पर ही अरावली में अवैध खनन की कहानी साफ नजर आती है। जगह-जगह पहाड़ की तलहटी में बारूद लगाकर इस तरह से ढांग बनाई गई हैं कि वहां डंपर से लेकर ट्रैक्टर टॉली तक में पत्थर भरे जाते हैं। जिस जगह डीसीपी सुरेंद्र सिंह को कुचला गया वहां पत्थर खनन के साथ ही डंपर के पहियों के निशान भी स्पष्ट दिख रहे हैं। यहां एक ओर पत्थर खनन हो रहा है तो दूसरी ओर मिट्टी का भी अवैध खनन साफ देखा जा सकता है।