पांच सौ वर्ग मीटर की फैक्टरी परिसर में टिन शेड के नीचे अवैध रूप से पटाखे बनाने का काम पिछले तीन महीने से चल रहा था। काम कितनी गोपनीयता के साथ किया जा रहा था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पड़ोस के फैक्टरी संचालकों को इसकी भनक तक नहीं थी। जबकि यहां बड़े स्तर पर खिलौना बंदूक में काम आने वाली स्काई शॉट बनाने का काम हो रहा था। आग से बचाव के लिए यहां न तो आधुनिक उपकरण थे और न ही किसी प्रकार के संसाधन मौजूद थे।
मौत की फैक्टरी: इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने के लाइसेंस पर हो रहा था बारूद का काम, दस की गई जान, कई लड़ रहे मौत से जंग
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़।
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sat, 04 Jun 2022 09:47 PM IST
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