गाजियाबाद के मसूरी में 16 साल के दसवीं के छात्र ने आठवीं में पढ़ने वाले अपने दोस्त नीरज कुमार (13) की जान सिर्फ इसलिए ले ली ताकि उसे स्कूल न जाना पड़े। सोमवार शाम को गला दबाकर हत्या करने के बाद वह खुद गार्डन एंक्लेव पुलिस चौकी पहुंचा और पुलिसवालों से कहा कि उसे जेल भेज दो, वह पढ़ना नहीं चाहता है। पहले तो उस पर यकीन नहीं हुआ लेकिन जब उसकी बताई गई जगह पर नीरज का शव मिला तो पुलिसवाले चौंक गए। उसने पूछताछ में बताया कि पहले बात करते-करते अचानक से नीरज का गला दबाया और फिर कांच की बोतल से गला काटने की कोशिश की। इसके बाद उसे हिला-डुलाकर देखा। मौत हो जाने की पुष्टि के बाद ही वह वहां से गया। मामला मसूरी थाना क्षेत्र के ननकागढ़ी गांव का है। नीरज और आरोपी के घर पड़ोस में हैं। दोनों साथ खेलने जाते थे।
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मृतक छात्र का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
आरोपी से पूछताछ के हवाले से एसपी देहात डॉ. ईरज रजा ने बताया, उसे स्कूल जाना अच्छा नहीं लगता था। परिवार के लोग दबाव बनाकर भेज देते थे लेकिन वहां उसका मन नहीं लगता था। वह पढ़ाई में कमजोर था, अंक बहुत कम आते थे।
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Ghaziabad murder
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महीने में दस से ज्यादा छुट्टी कर लेता था। उसने बताया है कि उसने कई जगह सुना कि जेल में पढ़ाई नहीं होती है। इसी से यह सोच लिया कि अगर वह जेल चला जाए तो पढ़ाई से छुटकारा मिल जाएगा।
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बच्चे के शव को ले जाते हुए
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इसके बाद वह जेल जाने के तरीके सोचने लगा। उसे लगा कि हत्या के जुर्म में जेल में लंबे समय रहेगा, इसलिए यह वारदात की। उसे मंगलवार को बाल सुधार गृह भेजा जाएगा।
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तीन दिन से कर रहा था प्रयास
आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने हत्या की साजिश कई दिन पहले तैयार कर ली थी। वह नीरज को रोज शाम को खेलने के बहाने ले जाता था। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के फ्लाईओवर के नीचे हत्या करना चाहता था। पिछले तीन दिन से इसकी कोशिश कर रहा था लेकिन मौका हाथ नहीं आ रहा था।