गाजियाबाद के साहिबाबाद स्थित यूपी गेट पर आंदोलन में शामिल हुए 60 वर्षीय किसान नसीम की मंगलवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। मौके पर मौजूद एसएचओ कौशांबी महेंद्र सिंह किसान को गोद में लेकर निजी अस्पताल पहुंचे, जहां उनका इलाज चल रहा है। एसएचओ के इस काम की सभी तारीफ कर रहे हैं और उनकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर प्रशंसा बटोर रही हैं। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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बीमार किसान को गोद में लेकर जाते एसएचओ महेंद्र सिंह
- फोटो : अमर उजाला
वह तीन दिन पूर्व ही आंदोलन में गांव के लोगों के साथ आए थे। चर्चा रही कि दिल का दौरा पड़ा है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने इससे इनकार किया। मुजफ्फरनगर के सिकरी गांव में 60 वर्षीय नसीम चार बेटे और तीन बेटियों के साथ रहते हैं। वह खेती करते हैं। वह तीन दिन पूर्व ही अपने गांव के 22 लोगों के साथ यूपी गेट पर चल रहे किसान आंदोलन में आए थे।
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बीमार किसान को गोद में लेकर जाते एसएचओ महेंद्र सिंह
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मंगलवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे नसीम की अचानक तबीयत बिगड़ गई। वह चक्कर खाकर गिर गए। पास खड़े एसएचओ कौशांबी महेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे एडीएम सिटी शैलेंद्र सिंह के साथ वैशाली के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां उनका इलाज चल रहा है। उनके टेस्ट कराए जा रहे हैं। फिलहाल उनकी हालत में सुधार है।
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बीमार किसान को गोद में लेकर जाते एसएचओ महेंद्र सिंह
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आंदोलन चलेगा, कानून वापसी बाद ही हटेंगे किसान: टिकैत
सुप्रीम कोर्ट के तीनों कृषि कानूनों को लागू करने पर रोक लगाने के फैसले के बाद भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। जब तक सरकार तीनों कृषि कानून वापस लेकर एमएसपी की गारंटी का कानून नहीं बनाती तब तक किसान घर वापस नहीं जाएंगे और आंदोलन चलता रहेगा। उन्होंने सर्वोच्च अदालत का रुख सकारात्मक बताते हुए आभार भी जताया।
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बीमार किसान को गोद में लेकर जाते एसएचओ महेंद्र सिंह
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भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि यूपी गेट पर किसान आंदोलन में बैठे हैं। सरकार से आठ दौर की वार्ता में भी कोई निष्कर्ष नहीं निकलने पर सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप किया। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने तीन कृषि कानूनों को लागू करने पर रोक लगा दी। टिकैत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने किसानों के प्रति जो सकारात्मक रुख दिखाया है, उसके लिये सभी किसान आभार व्यक्त करते हैं। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का परीक्षण कर कल संयुक्त मोर्चा आगे की रणनीति की घोषणा करेगा। उन्होंने कहा कि किसान बिल वापसी की मांग कर रहे हैं। बिल पर रोक लगाई जाए, यह हमारी मांग नहीं थी। हमारी मांग कानून वापसी की है और इसके अंजाम तक पहुंचने के बाद ही किसान घर लौटेंगे।