यूपी के गाजियाबाद जिले में एक ऐसे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जिसके बारे में किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। गाजियाबाद में एक कारोबारी अपनी कोठी में फर्जी दूतावास चला रहा था। आरोप खुद को काल्पनिक देशों का राजनयिक सलाहकार बताकर लोगों से विदेशों में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करता था।
स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) नोएडा की टीम ने कविनगर में छापा मारकर अवैध दूतावास का पर्दाफाश किया है। टीम ने मकान संख्या केबी-35 में रहने वाले हर्षवर्धन जैन (47) को गिरफ्तार कर कविनगर पुलिस को सौंप दिया है।
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आरोपी हर्षवर्धन जैन
- फोटो : अमर उजाला
ये सामान हुआ बरामद
टीम ने मौके से फर्जी राजनयिक नंबर प्लेट लगी चार गाड़ियां, 18 राजनयिक नंबर प्लेट, 12 पासपोर्ट, विदेश मंत्रालय की फर्जी मोहरें, दो पैन कार्ड, अलग-अलग 34 देशों की कंपनियों की मोहरें, दो प्रेस कार्ड और 44.70 लाख रुपये व विदेशी मुद्रा बरामद की हैं।
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आरोपी हर्षवर्धन जैन
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खुद को बताता था कई देशों का काउंसिल एंबेस्डर
एसटीएफ नोएडा के निरीक्षक सचिन कुमार के नेतृत्व में मंगलवार की देर रात कविनगर स्थित केबी-35 मकान पर छापा मारा। एसटीएफ का आरोप है कि गिरफ्तार कि गए हर्षवर्धन जैन कई देशों का काउंसिल एंबेस्डर बताता है। इसके तार खुद को देश घोषित करने वाले वेस्ट आर्कटिका, सबोरगा, पॉल्विया और लोडोनिया से जुड़े हैं।
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आरोपी हर्षवर्धन जैन
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वह चार लग्जरी गाड़ियों पर राजनयिक नंबर प्लेट लगाकर चलता था। केंद्रीय एजेंसी से मिली जानकारी के मुताबिक, कविनगर में संचालित दूतावास का कोई पंजीकरण नहीं मिला। विदेशी कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने की भी शिकायतें की हैं।
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आरोपी हर्षवर्धन जैन
- फोटो : संवाद
वह प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति व अन्य प्रसिद्ध लोगों के साथ फोटोशॉप से एडिट की गई तस्वीरें दिखा लोगों को झांसे में लेता था। हर्षवर्धन का मुख्य काम कंपनियों और लोगों को विदेश में काम दिलाने के नाम पर दलाली करना था। वह शेल कंपनियों के माध्यम से हवाला रैकेट भी चला रहा था। जांच पड़ताल में हर्षवर्धन के संपर्क चंद्रास्वामी और अदनान खगोशी से उजागर हुए हैं।