बुलंदशहर के शिकारपुर में कक्षा दस के एक छात्र ने अपने ही सहपाठी की क्लासरूम में हत्या कर दी। गुरुवार को हुए इस मामले में खुलासा हुआ है कि आरोपी छात्र के पास से दो हथियार बरामद हुए थे। एक पिस्टल जिससे उसने टारजन को गोली मारी थी और एक तमंचा उसके स्कूल बैग से मिला था। आगे पढ़ें कहां से आया दूसरा हथियार और उसके द्वारा किए गए चार फायर कहां-कहां हुए...
10वीं के छात्र की हत्याः आरोपी के स्कूल बैग से पिस्टल ही नहीं तमंचा भी मिला, किए थे कुल चार फायर
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कक्षा के ही एक अन्य छात्र ने दिया था तमंचा
पुलिस ने आरोपी को दबोच कर गहनता से पूछताछ की। जिसमें उसने बताया कि पिस्टल उसने अपने चाचा किशनपाल की चोरी की थी। बताया गया कि वह फौज से रिटायर हैं और छुट्टी पर घर आए हुए थे। वहीं, आरोपी के बैग से बरामद तमंचे के बारे में बताया कि तमंचा उसे कक्षा में ही पढ़ने वाले एक अन्य छात्र ने दिया था। पुलिस ने जब उक्त छात्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने बताया कि वह तमंचा बीते दिनों उसे कहीं पड़ा मिला था। जिसे उसने हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपी को दे दिया था। हालांकि, पुलिस अभी मामले में स्पष्ट नहीं बता रही है।
स्कूल से किया गया निष्कासित
वारदात के बाद पुलिस ने आरोपी छात्र को स्कूल से निष्कासित कर दिया है। साथ ही पुलिस ने आरोपी के साथ उसे तमंचा देने वाले आरोपी छात्र को भी हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि पुलिस मुख्य आरोपी का हत्या में और दूसरे आरोपी छात्र का 25 आर्म्स एक्ट के तहत चालान करने की तैयारी कर रही है।
कुल किए थे चार फायर
आरोपी ने वारदात के दौरान कुल चार फायर झोंके थे। जिनमें से दो गोली मृतक के सीने में लगी थीं। जबकि, एक मिस हो गई थी। बताया गया कि चौथी गोली प्रधानाचार्य से छीना झपटी के दौरान जमीन पर चली थी। जिससे जमीन में छेद भी हो गया था।
बच्चों की पहुंच और जानकारी से दूर रखें असलहा : सत्येंद्रवीर सिंह, (रिटायर्ड) आईजी
जहांगीराबाद क्षेत्र के गांव खालौर निवासी आईजी (रिटायर्ड) सत्येंद्रवीर सिंह ने बताया कि आज के समय में असलहा आदि रखना लोगों में फैशन बन गया है। यह फैशन खुद के साथ ही दूसरे के लिए कब जानलेवा साबित हो जाएगा, यह किसी को भी भान नहीं रहता है। सबसे पहले तो लाइसेंसी असलहा अत्यंत आवश्यक होने पर ही लेना चाहिए। इसके साथ ही असलहा को बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए। घर में असलहा आदि है इसकी जानकारी भी बच्चों से दूर रखी जाए तो यह काफी बेहतर होगा। यदि किसी के घर में असलहा आदि है और इसकी जानकारी बच्चों को है तो जाहिर सी बात है कि वह अपने दोस्त या सहपाठी से इसकी चर्चा करेगा।