गुरुग्राम मेें कुख्यात कौशल दुबई से जाम्बिया जाने के जुगाड़ में लगा हुआ था और इसके लिए उसे करीब डेढ़ करोड़ रुपये की जरूरत थी। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के बढ़ते दबाव के कारण कौशल की उगाही का धंधा काफी मंदा हो गया था। आगे जानिए वह कैसे करता था उगाही और किन खास लोगों को उगाही के लिए फोन करता था और क्यों...
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गैंगस्टर कौशल
- फोटो : अमर उजाला
पिछले 7 महीनों में कौशल ने करीब 80 लोगों को फोन कर रंगदारी मांगी, लेकिन उसे चंद लोगों ने ही रकम दी। इन 7 महीनों में कौशल को करीब 1 करोड़ रुपये ही मिल पाए थे। कौशल इसी कारण जांबिया नहीं जा पाया और दुबई में पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस पूछताछ में कौशल ने इस बात का खुलासा किया है।
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गैंगस्टर कौशल
- फोटो : Amar Ujala
कौशल ने गैंगस्टर संदीप गाडौली की मौत के बाद अपना वर्चस्व जमाना शुरू कर दिया था। कौशल को उसके गुर्गे नंबर उपलब्ध करवाते थे। यह नंबर उन लोगों का होता था जो ग्रे एरिया में कार्य करते थे। सूत्रों की मानें तो ग्रे एरिया वह है जिसमें व्यापारी का अधिकांश कार्य नकदी में होता है। अवैध रूप से कमाई गई रकम को रंगदारी में वसूलने के कारण ऐसे व्यक्ति पुलिस को शिकायत भी नहीं दे सकते थे।
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गैंगस्टर कौशल
- फोटो : अमर उजाला
मुख्य रूप से वह करीब 8 व्यवसायियों से ही जुड़ा हुआ था जिनसे नियमित रूप से वह रुपयों की मांग करता रहता था। रुपये न देने पर वह अपने गुर्गों से फायरिंग करवाता था ताकि उनके मन में दहशत फैल जाए। सूत्रों ने बताया कि वह दुबई से जाम्बिया जाने की तैयारी में था। उगाही में रकम न मिल पाने के कारण उसे रुपये जुटाने में दिक्कत हो रही थी। उसे जाम्बिया जाने के लिए करीब 1.50 करोड़ रुपये की जरूरत थी।
माफिया में होना चाहता था शामिल
सूत्रों की मानें तो भारत से भागने के बाद कौशल ने दुबई को इसलिए चुना था कि वहां करीब 30 फीसदी आबादी भारतीयों की है। उनके बीच रहकर उसे कोई आसानी से नहीं पहचान सकता था। दुबई में अनेक माफिया भी रहते हैं। कौशल ने उनमें शामिल होने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो पाया।