सरकार के खिलाफ पूर्व सैनिक, वापस कर रहे मेडल
केंद्र सरकार ने बेशक दिवाली से पहले वन रैंक, वन पेंशन (ओआरओपी) की अधिसूचना जारी कर दी है। लेकिन जंतर मंतर पर आंदोलन कर रहे पूर्व सैनिकों को सरकारी घोषणा मंजूर नहीं है।
सरकार के खिलाफ पूर्व सैनिक, वापस कर रहे मेडल
पूर्व सैनिकों ने पहले से तय योजना के अनुसार सोमवार को अपने मेडल एकत्रित किए उसी सिलसिले में ये दौर मंगलवार को भी जारी रहा। आंदोलनकारियों का दावा है कि देश भर में शुरू हुई मुहिम के तहत अकेले जंतर-मंतर पर ही करीब 100 मेडल जुटा लिए गए।
सरकार के खिलाफ पूर्व सैनिक, वापस कर रहे मेडल
आज इन मेडलों शाम चार बजे इसे कापसहेड़ा स्थित कार्यालय में जिला कलेक्टर सौंप दिया जाएगा। दूसरी तरफ आंदोलनकारी पूर्व सैनिकों का कहना है कि सोमवार को देश भर के कई जिलों में डीएम को मेडल वापस किए गए। वहीं, जंतर-मंतर पर बुधवार को काली दिवाली मनाई जाएगी।
सरकार के खिलाफ पूर्व सैनिक, वापस कर रहे मेडल
ओआरओपी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मेजर जनरल (रिटा.) सतबीर सिंह ने बताया कि सरकार की घोषणा वन रैंक वन पेंशन की जगह वन रैंक फाइव पेंशन है। इसमें पांच साल में पेंशन की समीक्षा होनी है।
सरकार के खिलाफ पूर्व सैनिक, वापस कर रहे मेडल
प्री-मेच्योर (वीआरएस) रिटायरमेंट लेने वाले फौजियों को भी इसका फायदा नहीं मिलेगा। सतबीर सिंह ने बताया कि इससे साफ है कि मर्जी से रिटायरमेंट लेने वाले सैनिकों को योजना से फायदा नहीं होगा।