जिन हाथों में किताब, पैन और लैब में उपकरण होते हैं, वे आज सड़कों पर थाली-चम्मच लेकर उतरे और अपनी मांगों के समर्थन में विरोध मार्च निकाला। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के शिक्षक दिल्ली गेट से मार्च करते हुए यूजीसी मुख्यालय पहुंचे और केंद्र सरकार व डीयू वीसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शिक्षकों ने मांगें पूरी नहीं होने पर जनवरी में कक्षाओं के बहिष्कार की चेतावनी भी दी है।
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डीयू के शिक्षकों का प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली गेट स्थित फिरोजशाह कोटला स्टेडियम के सामने सुबह 11:30 बजे से आईटीओ स्थित विश्वविद्यालय अनुदान आयोग मुख्यालय तक ‘थाली बजाओ’ नाम से विरोध मार्च निकाला गया। दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) के बैनर तले विरोध मार्च में एडहॉक और नियमित शिक्षक शामिल हुए।
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डीयू के शिक्षकों का प्रदर्शन
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डूटा अध्यक्ष प्रो. राजीव रे के मुताबिक, 4 दिसंबर से नॉर्थ कैंपस स्थित कुलपति कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन विरोध धरना शुरू हुआ था। शिक्षकों की मांगों को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय और डूटा की बैठक भी हुई।
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आश्वासन के बाद भी यूजीसी या कुलपति की ओर से कोई राहत नहीं मिली है। मंगलवार और बुधवार को 7 एडहॉक शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बाहर कर दिया गया है। मंत्रालय ने लिखित आश्वासन दिया था कि एडहॉक शिक्षकों को नहीं हटाया जाएगा। कॉलेजों में खाली पदों पर नियमों को पूरा करने वाले एडहॉक शिक्षकों को नियुक्ति होगी, लेकिन यह सिर्फ आश्वासन ही रहा।
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डीयू के शिक्षकों का प्रदर्शन
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डूटा ने अपनी मांगों को लेकर यूजीसी को ज्ञापन भी दिया। इसमें एडहॉक शिक्षकों को नियमित करने, नियमित शिक्षकों के प्रमोशन, प्रमोशन में एडहॉक के रूप में काम के अनुभव को जोड़ने आदि मांगें शामिल हैं।