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दिल्ली: रामलीला में 30 फुट के कॉकरोच के पुतले पर उठे सवाल, कुछ लोगों ने उत्सव में इसकी उपयुक्तता पर उठाए सवाल
Sat, 17 Oct 2026 11:31 PM IST
Akash Dubey
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: Akash Dubey
Updated Sat, 17 Oct 2026 11:31 PM IST
सार
पीतमपुरा की श्री केशव राम लीला समिति रावण के साथ 30 फुट का कॉकरोच पुतला जलाएगी। आयोजकों का उद्देश्य स्वच्छता को बढ़ावा देना है। हालांकि, कुछ सामाजिक माध्यम उपयोगकर्ताओं ने धार्मिक उत्सव में इसकी उपयुक्तता पर सवाल उठाए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : AI Generated
विस्तार
दिल्ली में रामलीला आयोजन में रावण, मेघनाद और कुंभकरण के साथ 30 फुट का कॉकरोच का पुतला जलाया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि इसका उद्देश्य स्वच्छता को बढ़ावा देना है। हालांकि, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने धार्मिक उत्सव में इसकी उपयुक्तता पर सवाल उठाए हैं।
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पीतमपुरा की श्री केशव राम लीला समिति ने कहा कि कॉकरोच गंदगी का प्रतीक है। यह 'स्वच्छ भारत' और 'स्वच्छ दिल्ली' अभियानों के तहत स्वच्छता जागरूकता के लिए है। समिति अध्यक्ष अशोक गोएल (भाजपा विधायक) ने पीटीआई को बताया कि निर्णय राजनीतिक रूप से प्रेरित नहीं है। इसका लक्ष्य बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देना और स्वच्छता के महत्व को उजागर करना है। कॉकरोच को रावण की सेना में असुरों के बीच दर्शाया जाएगा। कुछ सामाजिक माध्यम उपयोगकर्ताओं ने इसकी उपयुक्तता पर सवाल उठाए हैं, उनका मानना है कि यह त्योहार के पारंपरिक महत्व से ध्यान भटका सकता है।
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सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
यह घटना सीजेपी के विरोध प्रदर्शनों के बीच हुई है। कई सामाजिक माध्यम उपयोगकर्ताओं ने इस निर्णय पर सवाल उठाए हैं। उनका तर्क है कि राजनीतिक घटनाक्रमों को धार्मिक उत्सव में लाना भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है। एक उपयोगकर्ता ने दशहरा को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बताते हुए त्योहारों को राजनीतिक विभाजन से बचाने का आग्रह किया। एक अन्य उपयोगकर्ता ने कहा कि रावण को कॉकरोच के बराबर करना हिंदू भावनाओं को आहत कर सकता है।
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अन्य समितियों की पहल
गोएल ने बताया कि समिति ने पिछले वर्षों में सामाजिक बुराइयों को उजागर करने के लिए पुतला दहन परंपरा का उपयोग किया है। पिछले साल नक्सलवाद और उससे पहले आतंकवाद के प्रतीक पुतले जलाए गए थे। यह कॉकरोच पुतला गंदगी और अस्वच्छता को उजागर करने के लिए है, न कि सीजेपी या किसी राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़ा है। पटपड़गंज में इंद्रप्रस्थ रामलीला समिति के अध्यक्ष संदीप बिंदल ने बताया कि उनकी समिति 'आज का रावण' नामक चौथा पुतला जलाएगी, जो सामान्य दवाओं में कीमत में हेरफेर और नकली दवाओं का प्रतिनिधित्व करता है। यह चौथा पुतला रामलीला के पहले आठ दिनों में मतदान प्रक्रिया से चुना जाता है और अंतिम दिन जलाया जाता है।