नगर निगम में वित्तीय संकट के चलते कर्मचारियों को एक माह से वेतन नही मिला। बुधवार को एक तरफ निगम कर्मचारी हड़ताल पर थे तो दूसरी तरफ कई कर्मचारी सिविल अस्पताल में खुलेआम जाम छलका रहे थे।
अस्पताल में सरेआम छलकाए जा रहे थे जाम, प्रदेश अध्यक्ष बोले - भक्त हैं सब कर्मचारी
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दिनभर अस्पताल परिसर में शराब पीकर नगर निगम को कोसते रहे। हड़ताल के बहाने सरकारी अस्पताल के परिसर में इन कर्मचारियों ने कई घटों तक खूब जाम छलकाए और नगर निगम प्रशासन को कोसा। उसके बाद खाना खाया और धुम्रपान करते रहे।
निगम कर्मचारी ऑन ड्यूटी में शराब पी रहे थे। उन पर कार्रवाई तो दूर कोई रोकने टोकने की जरूरत नहीं समझ रहा था। वहीं, भाषणबाजी के दौरान कर्मचारी नेता वेतन न मिलने पर निगम प्रशासन को कोसते हुए रोजीरोटी के संकट का रोना रोते दिखे।
200 मीटर दूर है पुलिस चौक- अस्पताल परिसर में पुलिस चौकी (गार्द) बनी हुई है। जहां पर कर्मचारी शराब पी रहे थे। वह पुलिस गार्द से 200 मीटर की दूरी पर है। लेकिन उनको समझाने वाला और कारवाई करने वाला कोई नही था। पुलिस कर्मचारियों का लचर
रवैया तो तब है जब पुलिस आयुक्त ने सरेआम शराब पीने पर रोक लगाई है।
नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने इसपर कहा कि कर्मचारी तो सारे भक्त है। कोई शराब नहीं पी सकता। कोई और होंगे। लेकिन अगर फिर भी शराब पी रहे थे तो उनको समझाया जाएगा। वहीं पुलिस आयुक्त ने कहा है कि यह उनके संज्ञान में नहीं है। अगर सरकारी परिसर में कोई शराब पी रहा है तो गैरकानूनी है। इसकी जांच कराई जाएगी।