शादी के बाद संबंधों पर शंका को बखूबी सुलझाती हैं ये महिलाएं
जब दिल्ली के संजीव कुमार की बीवी को अपने पति पर शक हुआ कि वो समलैंगिक है तो उसने 54 साल की महिला तारालिका लाहिड़ी को अपने पति की जासूसी का जिम्मा सौंपा। बता दें कि तारालिका दक्षिण दिल्ली में रहने वाली शहर की टॉप जासूसों में हैं।
शादी के बाद संबंधों पर शंका को बखूबी सुलझाती हैं ये महिलाएं
उन्होंने चूपचाप संजीव कुमार के खिलाफ विभिन्न स्रोतों से सबूत इकट्ठा
किए। 6 महीने तक जांच करने के बाद तारालिका ने इस बात की पुष्टि की कि
संजीव का एक मर्द के साथ अफेयर था। लाहिड़ी की इसी जांच की मदद से संजीव
कुमार की बीवी को उससे तलाक मिल गया और लाहिड़ी इसमें गवाह बनी।
शादी के बाद संबंधों पर शंका को बखूबी सुलझाती हैं ये महिलाएं
जासूसी कहानियों में आपने पुरूषों को ही हीरो के रूप में देखा होगा लेकिन दिल्ली में इसके बिल्कुल उलट है। यहां दिल्ली में जासूसी करने वालों में अधिकतर महिलाएं हैं। दिल्ली में जितने भी जासूस हैं उनमें 60 प्रतिशत से भी ज्यादा महिला जासूस हैं। यह बात एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट डिटेक्टिव्स एंड इंवेस्टिगेटर्स के वाइस प्रेसीडेंट बलदेव पुरी ने कही। उन्होंने ये भी बताया कि दिल्ली की 6 प्राइवेट डिटेक्टिव एजेंसियां भी महिलाएं ही चला रही हैं।
शादी के बाद संबंधों पर शंका को बखूबी सुलझाती हैं ये महिलाएं
महिलाओं का जासूसी करना कोई नई बात नहीं है। तारालिका ने अपना काम तब शुरू किया था जब बर्लिन की दीवार गिराई गई थी। तारालिका ने बताया कि वो जासूसी के क्षेत्र में पिछले 25 साल से काम कर रही हैं लेकिन उनके बेहद करीबी दोस्तों को भी नहीं पता कि वो कैसे काम करती हैं।
शादी के बाद संबंधों पर शंका को बखूबी सुलझाती हैं ये महिलाएं
अपनी एजेंसी नेशनल डिटेक्टिव एंड कॉर्पोरेट कंसल्टेंट को उन्होंने 1994
में स्थापित किया था। इस एजेंसी में पुरूष भी काम करते हैं और यहां
वैवाहिक झगड़ों समेत फ्रॉड और कॉर्पोरेट में गड़बड़ियों के विषय में भी
जासूसी की जाती है।