शाहीन बाग में पिछले 54 दिन से चल रहे धरना-प्रदर्शन के बीच अब अफवाहों का बाजार भी गर्म हो गया है। अधिकतर लोग आशंका जता रहे हैं कि चुनाव के बाद शायद सरकार उनके प्रदर्शन को जबरन हटवा देगी। इसी वजह से कुछ लोग रोड खाली कर सर्विस लेन या कालिंदी कुंज की पार्किंग में जाने की बात कर रहे हैं। लेकिन महिलाएं और प्रदर्शनकारियों की बड़ी तादाद इसके लिए तैयार नहीं है। उनका कहना है कि चाहे कुछ भी हो जाए, वह बिना सीएए को वापस लिए यहां से नहीं हटने वाले हैं।
शाहीन बाग में अफवाहों का बाजार गर्म, लोगों को सता रहा यह डर
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शाहीन बाग और जामिया में गोली चलने की तीन वारदात के बाद यहां की सुरक्षा कड़ी कर दी गई। इस वजह से दिन में अब यहां भीड़ कम ही देखी जाती है। पहले जहां हजारों लोग यहां मौजूद रहते थे, वह अब कुछ सौ में रह गए हैं। अलबत्ता शाम के समय यहां पर हजारों लोग जुटते हैं। देर रात तक लोगों की भारी भीड़ देखी जाती है।
इधर, नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में चल रहे प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने जामिया और शाहीन बाग में चुनाव के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। चुनाव के दौरान जामिया और शाहीन बाग में कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए दिल्ली पुलिस पहली बार फेस रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली तकनीक) सिस्टम का इस्तेमाल करेगी।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध लोगों पर नजर रखने के लिए संवेदनशील और अतिसंवेदनशील इलाकों में ड्रोन की मदद भी ली जाएगी। जामिया और शाहीन में गोली चलने की तीन वारदात के बाद फिलहाल पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। स्थानीय पुलिस के अलावा सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स को यहां तैनात किया गया है। जामिया और शाहीन बाग में प्रवेश करने से पूर्व करीब चार जगहों पर बैरिकेड लगाकर सघन जांच की जा रही है। खुद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मोर्चा संभाल रखा है।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सीएए और एनआरसी को लेकर फिलहाल राजधानी में करीब 17 जगहों पर विरोध-प्रदर्शन चल रहा है। ऐसे में शांतिपूर्वक चुनाव कराना दिल्ली पुलिस के लिए चुनौती है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक विधानसभा चुनावों को देखते हुए दिल्ली पुलिस के 40 हजार जवान, अर्द्धसैनिक बल की 190 कंपनियां, अलग-अलग राज्यों के करीब 19 हजार होमगार्ड को तैनात किया जाएगा। अकेले शाहीन बाग और जामिया नगर में ही पुलिस के अलावा अर्द्धसैनिक बल की 31 कंपनियां तैनात की गई हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिन इलाकों में सीएए और एनआरसी को लेकर प्रदर्शन चल रहे हैं, उन इलाकों में खास नजर रखी जा रही है।