इंडोनेशिया के जकार्ता से सोमवार सुबह उड़ान भरने के चंद ही मिनटों बाद हवाई जहाज समुद्र में क्रैश हो गया। लॉयन एयर के इस जहाज को दिल्ली के मयूर विहार निवासी कैप्टन भव्य सुनेजा (32) उड़ा रहे थे। प्लेन क्रैश होने की खबर सुबह ही उनके घर पहुंच गई। हादसे की खबर मिलते ही भव्य के रिश्तेदार और पड़ोसियों का घर पर तांता लग गया।
इंडोनेशिया में प्लेन क्रैश: हादसे का शिकार हुआ दिल्ली का पायलट, 2016 में हुई थी शादी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भव्य का परिवार हादसे में उसकी मौत की बात को मानने के लिए तैयार नहीं है। परिवार को अब भी आस है कि कहीं से कोई ऐसी खबर आएगी, जिससे उन्हें पता चलेगा कि बेटा हादसे के बाद भी सकुशल है। हालांकि इंडोनेशिया की ओर से मिल रही जानकारी के अनुसार, हादसे में किसी के भी सकुशल बचने की उम्मीद न के बराबर है। जानकारी के अनुसार, भव्य सुनेजा परिवार के साथ 49सी, पॉकेट-4, डीडीए फ्लैट, मयूर विहार फेज-1 में रहते थे। परिवार में पिता गुलशन सुनेजा, मां संगीता सुनेजा और छोटी बहन रोहानी है। पिता का कंसल्टेंसी का काम है। मां संगीता एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया में नौकरी करती है।
बहन रोहानी ने भाई के पास ही इंडोनेशिया में रहकर एयर होस्टेस का कोर्स किया है। दो माह पूर्व ही वह भारत आई थी। वहीं मयूर विहार के एहलकॉन पब्लिक स्कूल से पढ़कर पायलट का कोर्स करने वाले भव्य ने 2009 में पायलट का लाइसेंस लेकर 2011 में इंडोनेशिया की लॉयन एयर को ज्वाइन किया था। परिजनों ने बताया कि भव्य को जहाज उड़ाने का छह हजार से अधिक घंटों का अनुभव था। भव्य की 2016 में गरिमा सेठी नामक युवती से शादी हुई थी। शादी के बाद भव्य पत्नी के साथ इंडोनेशिया शिफ्ट हो गया था। माता-पिता और बहन देर शाम इंडोनेशिया के लिए रवाना हो गए।
दिवाली पर घर आने वाला था
परिवार के एक करीबी ने बताया कि इस बार दिवाली मनाने के लिए भव्य दिल्ली स्थित अपने घर आने का प्लान कर रहा था, लेकिन सब कुछ खत्म हो गया। दरअसल भव्य अपने परिवार के साथ दिल्ली ही रहना चाहता था। लॉयन एयर ज्वाइन करने के बाद उसने अपनी मर्जी भी एयर लाइंस के अधिकारियों को बता दी थी। अधिकारियों ने उसे कुछ साल बाद दिल्ली शिफ्ट करने का वादा किया था।
भव्य के पड़ोसी केएस चौहान की आंखों से आंसू टपक रहे थे। थर्राती हुई आवाज में उन्होंने बताया कि भव्य को उन्होंने गोद में खिलाया था। भारत आने के बाद वह उनसे विशेष तौर पर मिलने आते थे, लेकिन हादसे में सब कुछ खत्म हो गया। एक अन्य पड़ोसी व आरडब्ल्यूए पदाधिकारी अनिल गुप्ता ने बताया कि गुलशन सुनेजा 30 साल से उनके दोस्त हैं।