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कल बंद नहीं रहेगी मेट्रो की सेवा, हाईकोर्ट ने कर्मचारियों की हड़ताल पर लगाई रोक

Fri, 29 Jun 2018 09:16 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 29 Jun 2018 09:16 PM IST
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delhi metro workers strike after dmrc talk fail in delhi ncr
delhi metro
दिल्ली हाईकोर्ट ने मेट्रो कर्मचारियों की कल होने वाली हड़ताल पर रोक लगा दी है। अदालत के इस फैसले से राजधानी व एनसीआर के करीब 25 लाख यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने दिल्ली मेट्रो प्रशासन की याचिका पर कर्मचारी परिषद महासचिव व अन्य को नेटिस जारी कर छह जुलाई तक जवाब मांगा है। 
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न्यायमूर्ति विपिन सांघी ने देर शाम सुनवाई के बाद कर्मचारियों की हड़ताल पर रोक लगाते हुए कहा कि कर्मचारियों की यह हड़ताल संबंधी कदम उचित नहीं है और न ही यह वैध है। अदालत ने कहा कर्मचारी यूनियन ने इससे पूर्व तय नियमों के अनुसार मेट्रो प्रशासन को नोटिस नहीं दिया। इतना ही नहीं दोनों पक्षों के बीच समझौते के लिए बातचीत जारी है ऐसे में हड़ताल उचित नहीं है।
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अदालत ने कहा सभी तथ्यों व जनहित को देखते हुए कर्मचारियों की शनिवार से शुरु होने वाली हड़ताल पर रोक लगाई जाती है। अदालत ने सभी 10 पक्षों को छह जुलाई को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। इससे पूर्व मेट्रो प्रशासन के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि कर्मचारियों ने पिछले वर्ष भी हड़ताल की चेतावनी दी थी लेकिन आपसी बातचीत में 23 जुलाई 2007 को समझौता हो गया।

 

delhi metro workers strike after dmrc talk fail in delhi ncr
delhi metro - फोटो : जी पॉल

उन्होंने कहा कि समझौता की काफी शर्तो को लागू कर दिया गया है और अन्य शर्तो को लागू करने की प्रक्रिया भी जारी है। बावजूद इसके कर्मचारियों ने 30 जून से अनिश्चिकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा मेट्रो में प्रति दिन करीब 25 लाख लोग यात्रा करते है और यह मध्यवर्ग से संबंध रखते है। मेट्रो रेल पब्लिक परिवहन व्यवस्था की जीवन रेखा है और यदि हड़ताल हुई तो इससे यात्री प्रभावित होंगे। 

इसके अलावा यह शर्तो के अनुसार कर्मचारी हड़ताल नहीं कर सकते। यदि वे हड़ताल करते भी है तो तय नियमों के अनुसार उन्हें एक अवधि से पूर्व नोटिस देना अनिवार्य है लेकिन इस मामले में कर्मचारी यूनियन ने ऐसा नहीं किया। मेट्रो प्रशासन ने कहा हम कर्मचारियों की बात मानने को तैयार है और समझौता को पूरी तरह से लागू करने में समय लगता है। उन्होंने कहा जनहित में कर्मचारियों की हड़ताल पर तुरंत रोक लगाई जाए। अदालत ने मेट्रो प्रशासन के तर्को को स्वीकार करते हुए हड़ताल पर रोक लगा दी।

इससे पहले मेट्रो के 9000 नॉन-एग्जिक्यूटिव कर्मचारियों ने वेतन बढ़ोतरी जैसी कई मांगें पूरी न होने से 30 जून से हड़ताल पर जाने की धमकी दी थी। कर्मचारियों की मांगें हैं कि काउंसिल के बजाय डीएमआरसी यूनियन बनाने की अनुमति दी जाए, पे कमीशन के तहत पारिश्रमिक बढ़ाया जाए, एरियर दिया जाए, स्टाफ के ड्यूटी के घंटों के साथ आराम का टाइम भी सुनिश्चित किया जाए और स्टाफ की ट्रांसफर नीतियों को पारदर्शी बनाने समेत कई शामिल हैं।
 

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