बर्फीली हवा के चलते पूरा उत्तर भारत इस वक्त कड़ाके की ठंड की चपेट में है। कई इलाकों में चल रही शीतलहर से जीवन बेहाल है। एक ओर जहां कड़ाके की सर्दी ने दिल्लीवासियों को परेशान कर रखा है वहीं धीमी हवा के चलते यहां का प्रदूषण भी लोगों की जान के लिए आफत बन गया है। इस समय दिल्ली ठंड के साथ ही प्रदूषण के मोर्चे पर भी लड़ाई लड़ रही है। जहां तापमान में 2.6 डिग्री की रिकॉर्ड गिरावट के बाद शनिवार सीजन का सबसे ठंडा दिन बना वहीं रविवार को भी लोगों को ठंड से राहत नहीं मिली। आज भी दिल्ली का न्यूनतम तापमान 3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि इस सीजन में जैसी ठंड पड़ रही है वह पिछले 13 सालों में नहीं पड़ी।
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बर्फीली हवा के चलते पूरा उत्तर प्रदेश समेत दिल्ली-एनसीआर इस वक्त कड़ाके की ठंड की चपेट में है। सूबे के कई इलाकों में चल रही शीतलहर से जीवन बेहाल है। आंचलिक मौसम केन्द्र की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान सूबे में कई स्थानों पर शीतलहर का प्रकोप जारी रहा। कुछ जगहों पर तेज बर्फीली हवा के चलते शीतलहर का असर काफी ज्यादा महसूस किया गया।
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इस दौरान गलन और ठिठुरन के बीच प्रदेश के अनेक मण्डलों में रात के तापमान में खासी गिरावट दर्ज की गयी। बरेली मण्डल में रात का तापमान सामान्य से काफी कम रिकार्ड किया गया। वहीं, गोरखपुर, वाराणसी, फैजाबाद, इलाहाबाद, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद, झांसी तथा आगरा में यह सामान्य से कम रहा।
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पिछले 24 घंटों के दौरान मुजफ्फरनगर राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 1.20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अगले 24 घंटों के दौरान भी गलन और ठिठुरन भरी सर्दी का दौर जारी रहने की सम्भावना है। राज्य के पश्चिमी भागों में कुछ स्थानों पर घना कोहरा गिर सकता है। वहीं प्रदेश में कुछ जगहों पर शीतलहर चलने का भी अनुमान है।
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दिल्ली में प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के कारण प्रदूषकों का छितराव धीमा होने से रविवार को वायु गुणवत्ता गिरकर ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली का कुल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 412 दर्ज किया गया जो ‘गंभीर श्रेणी’ में आता है जबकि केंद्र द्वारा संचालित वायु गुणवत्ता एवं मौसम पूर्वानुमान प्रणाली (सफर) ने एक्यूआई 388 दर्ज किया जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है।