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Building Collapse: 'बच्चों को बचा लो, मेरी फिक्र मत करो', ये थे चांदनी के आखिरी बोल; मंजर याद कर कांप उठा चांद

Tue, 22 Apr 2025 10:25 AM IST
शाहरुख खान शुजात आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली
शुजात आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 22 Apr 2025 10:25 AM IST
सार

दिल्ली के दयालपुर के शक्ति एंक्लेव में इमारत हादसे में जिंदा बचे चांद ने रोते हुए बताया कि आखिरी समय में उसकी पत्नी बस यही कहे जा रही थी कि तुम मेरी फिक्र मत करो बस बच्चों को बचा लो। चांद को अब यह चिंता सता रही है कि उसके बच्चों को कौन देखेगा।

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Delhi Building Collapse Chandni Last Word Before Death Jaust Save Kids Know Details in Hindi
Delhi Building Collapsed - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के दयालपुर के शक्ति एंक्लेव में इमारत हादसे में बचा चांद मोहम्मद उस मंजर को याद कर कांप उठता है। हादसे के बाद उसे इस बात का मलाल है कि वह अपनी पत्नी चांदनी (23) को नहीं बचा पाया। उसके मासूम बच्चों को तो यह भी पता नहीं है कि उनकी अम्मी अब इस दुनिया में नहीं हैं। बार-बार बच्चे अपनी मां को याद कर रहे हैं।


अब चांद अपनी अम्मी जीनत की सेहत के लिए दुआ कर रहा है। हादसे के करीब साढ़े आठ घंटे बाद हाजी तहसीन की पत्नी जीनत (58) को मलबे से जिंदा निकाल लिया गया। 
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Delhi building collapse - फोटो : अमर उजाला
उनको मलबे से निकालने में एनडीआरएफ के दो कुत्तों विक्टर और रैंबो ने मदद की थी। फिलहाल जीनत का जीटीबी अस्पताल में इलाज जारी है। चांद ने बताया कि हादसे के करीब आधे घंटे तक वह दोनों बच्चों के साथ मलबे में फंसा रहा। वहां हिलने का भी मौका नहीं था। उसके बच्चे रोए जा रहे थे।
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Delhi building collapse - फोटो : अमर उजाला
चांद ने बच्चों को कसकर अपनी गोद में पकड़ा था
चांद ने अपने दोनों बच्चों शान (4) और सानिया (2) को कसकर अपनी गोद में पकड़ा हुआ था। मलबे से जब उनको निकाला गया तो उनको मामूली खरोंच थीं जबकि पत्नी की मौत हो गई थी। चांद ने बताया कि हादसे से पहले वह सो रहे थे। अचानक इमारत हिलने लगी। वह दूसरी मंजिल पर थे। चांदनी की आंख खुल गई। उसने चिल्लाते हुए चांद को उठाया और बच्चों को बचाने की गुहार लगाई।

 
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Delhi Building Collapsed - फोटो : अमर उजाला
'तुम मेरी फिक्र मत करो बस बच्चों को बचा लो'
इस दौरान इमारत आगे की ओर झुकी। चांद ने दोनों बच्चों को गोद में उठा लिया। उसे लगा कि वह अब बाहर नहीं निकल सकता। वह डरकर एक कोने में बैठ गया और इमारत जमींदोज हो गई। रोते हुए चांद ने बताया कि आखिरी समय में उसकी पत्नी बस यही कहे जा रही थी कि तुम मेरी फिक्र मत करो बस बच्चों को बचा लो। चांद को अब यह चिंता सता रही है कि उसके बच्चों को कौन देखेगा।
 
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उपराज्यपाल वीके सक्सेना - फोटो : अमर उजाला
उपराज्यपाल ने इमारत ढहने की जांच के दिए आदेश
उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दयालपुर में चार मंजिला इमारत ढहने की घटना की व्यापक मजिस्ट्रेट जांच के आदेश को मंजूरी दी। शुक्रवार देर रात दयालपुर के डी-26, गली 1 में चार मंजिला आवासीय इमारत ढहने से 11 लोगों की मौत हो गई। कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

 
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