वर्षों बाद दिल्ली की दहलाने वाले की कोशिश में जुटे आतंकी नेटवर्क की जड़ तक पुलिस को कुछ पोस्टरों ने पहुंचाया। हालिया वर्षों के सबसे बड़े आतंकवाद रोधी अभियान के दौरान जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की पुलिस ने करीब 2,900 किलोग्राम आईईडी बनाने की सामग्री, असॉल्ट राइफलें, पिस्तौल, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक्स और ज्वलनशील पदार्थ बरामद किए हैं। इस पूरे मामले की तह तक पुलिस को श्रीनगर में लगे कुछ पोस्टरों ने पहुंचाया।
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दिल्ली में हुए धमाके में जले वाहन
- फोटो : पीटीआई
19 अक्तूबर को श्रीनगर के अनपोरा नौगाम इलाके में कई जगह लगे जैश-ए-मोहम्मद के धमकी भरे पोस्टर में पुलिस और सुरक्षा बलों की धमकी दी गई थी। उर्दू में लिखे पर्चे में स्थानीय लोगों से सुरक्षा बलों का सहयोग न करने और उन्हें अपनी दुकानों या प्रतिष्ठानों में सुरक्षा बलों को बैठने न देने की चेतावनी भी दी गई थी।
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दिल्ली में हुए धमाके के बाद मौके पर तैनात सुरक्षाबल
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मौलवी ने डॉ. मुजम्मिल तक
पोस्टर के सहारे मौलवी इरफान अहमद वाघे को शोपियां से और जमीर अहमद को गांदरबल से 20 से 27 अक्तूबर के बीच गिरफ्तार किया। इसके बाद 5 नवंबर को डॉक्टर आदिल को सहारनपुर से पकड़ा गया। सात नवंबर को एक-56 और अन्य गोला-बारूद अनंतनाग के अस्पताल में जब्त हुए। इसके बाद 8 नवंबर को कुछ और बंदूक, पिस्तौल और बारूद फरीदाबाद के अल फलाह मेडिकल कॉलेज से जब्त हुआ।
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दिल्ली में हुए धमाके के बाद जांच करती टीम
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मौलवी वाघे ने फरीदाबाद के मेडिकल प्रोफेसर डॉ. मुजम्मिल का राज खोला और पुलिस ने उसे गिरफ्त में लिया। इसके जरिये पुलिस जैश की महिला आतंकी शाहीन तक पहुंची। पुलिस डॉक्टर उमर तक भी पहुंच जाती लेकिन उसे छापों की भनक लग गई और वह फरार हो गया।
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दिल्ली में हुए धमाके में जले वाहन
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जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अभियान को यूपी और हरियाणा तक विस्तारित किया। दोनों राज्यों की पुलिस के सहयोग से मारे गए छापों में हथियारों और विस्फोटकों का बड़ा जखीरा मिला।