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पढ़े-लिखे परिवार का बेटा जेहादी..! एटीएस के खुलासे के बाद लोग हैरान, बोले-वो तो...
Fri, 19 Jun 2020 10:13 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 19 Jun 2020 10:13 AM IST
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एटीएस के लखनऊ में खुलासे के बाद इनामुल के कटघर स्थित घर के सामने काफी मजमा लग गया। लोग शिक्षित परिवार से जुड़े इनामुल हक के आतंकी गतिविधियों से जुड़ाव पर हैरान थे। मीडिया का जमावड़ा लगा तो पुलिस भी पहुंच गई। कटघर में इनामुल का करीब तीस साल पुराना मकान है। करीब सवा सौ वर्ग गज के इस मकान की एक दुकान में डॉ. रियाज प्रैक्टिस करते हैं। खुलासे के बाद मीडिया और पुलिस को देखकर डॉ. रियाज घबरा गए। उन्होंने और पड़ोसियों ने बताया कि इनामुल हक के पिता नूरुल हक पंतनगर विवि में कर्मचारी थे। उनकी मौत 2007 में हो गई।
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इसके बाद इनामुल के बड़े भाई फरीद को वहां मृतक आश्रित में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनाती मिल गई। तब से फरीद, मां नाजरा और बहन के साथ विवि परिसर में बने आवास में रहता है। करीब तीन साल पहले इनामुल और मुनीर पंतनगर से यहां अपने पैतृक घर में आकर रहने लगे। डॉ. रियाज से मिलने वाले किराए के तीन हजार रुपये महीने दोनों भाई रखते थे। पंतनगर से भी खर्चे को रुपये मिल जाते थे।
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लोगों ने बताया कि इनामुल कोई काम नहीं करता था। पूरा दिन मोबाइल पर ही गुजारता था। वह इंटर में फेल हो गया था। इसके बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी थी। वहीं मुनीर पढ़ाई के बाद एक रेडिमेड गारमेंट्स शोरूम में नौकरी करने लगा। शिक्षित परिवार के युवक के आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने का खुलासा होने से लोग हैरत में थे। वह इनामुल को सनकी और घमंडी बता रहे थे। उनका कहना था कि इनामुल लोगों से बेहद जरूरत पर ही बात करता था।
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बोलेरो से आई एटीएस, पड़ोसी को दे गई चाबी
एटीएस मंगलवार रात नौ बजे के करीब ग्रे कलर की बोलेरो से आई। सादा कपड़ों में टीम के सदस्य धड़धड़ाते हुए घर में घुस गए। उस वक्त डॉ. रियाज दुकान बंद करने जा रहे थे। टीम पांच मिनट में ही बाहर निकल आई और दोनों भाइयों को गाड़ी में बैठाकर ले गई। टीम ने राह निकलते हमीद से पूछा कि यहीं रहते हो।
एटीएस मंगलवार रात नौ बजे के करीब ग्रे कलर की बोलेरो से आई। सादा कपड़ों में टीम के सदस्य धड़धड़ाते हुए घर में घुस गए। उस वक्त डॉ. रियाज दुकान बंद करने जा रहे थे। टीम पांच मिनट में ही बाहर निकल आई और दोनों भाइयों को गाड़ी में बैठाकर ले गई। टीम ने राह निकलते हमीद से पूछा कि यहीं रहते हो।
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उन्होंने हां कहा तो उन्हें इनामुल के घर की चाबी थमा दी। दोनों को ले जाते हुए कई लोगों ने देखा पर वे ये नहीं समझ पाए कि कहां की पुलिस है और इन दोनों का अपराध क्या है? उसकी मां और भाई को भी सूचना दी गई पर वे लोग नहीं आए। मुनीर गुरुवार रात भी लखनऊ स्थित एटीएस कार्यालय में मौजूद था। टीम ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। उसे छोड़ने की बात कही जा रही है।