राजस्थान से शुरू हुआ चोटियां कटने का सिलसिला अब हरियाणा से होते हुए दिल्ली तक पहुंच गया है। केवल हरियाणा के हथीन में ही 9 चोटियां कट चुकी हैं वहीं मेवात में ये सिलसिला खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। इतनी वारदातें होने के बावजूद अब तक यह पता नहीं लगाया जा सका है कि आखिर वो कौन है जो ये काम कर रहा है। कोई इसे भूत बता रहा है तो कोई जिन्न। पढ़ें क्या है पूरा मामला...
आखिर खुला महिलाओं के बाल काटने वालों का राज ...तो इसलिए काट रहे थे चोटियां
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बाहर से काम कर आने वाली महिलाएं रहीं निशाने पर अभी तक की जांच में तीनों ही मामलों में एक चीज सामान है। उन तीनों महिलाओं को निशाना बनाया गया है जो खेत या फिर किसी अन्य जगह से काम कर घर पहुंचीं थी। पुलिस के लिए परेशानी की बात यह है कि तीनों महिलाओं को घर में निशाना बनाया गया। घर वालों का कहना है कि जिस कमरे में महिला को निशाना बनाया गया, उसमें बाहर का कोई व्यक्ति भीतर नहीं आया। उन कमरों का दरवाजा बंद था।
मेवात जिले में महिलाओं की चोटी कटने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। जिले में लगातार भय का माहौल बना हुआ है। वहीं अभी तक पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा है। सोशल मीडिया पर यह मामला बड़ी तेजी से छाया हुआ है। अफवाहें भी जोरों पर हैं। इन घटनाओं के पीछे कोई एक कीड़े का नाम बता रहा है तो कोई चुडै़ल या अदृश्य शक्ति, वहीं कुछ लोग आए दिन फोटो पोस्ट कर बता रहे हैं कि विभिन्न स्थानों पर चोटी काटने वाले गैंग के सदस्य पकड़े गए हैं। हालांक पुलिस के अनुसार ऐसा कुछ भी नहीं है।
आखिरकार वहीं हुआ जो सच था। ग्रामीणों द्वारा चुटिया काटने के आरोप में पुलिस को पकड़कर दिये गए दो युवकों व एक बुजुर्ग महिला को मेडिकल कॉलेज नल्हड़ के चिकित्सकों ने मानसिक रोगी घोषित कर दिया है। सोमवार को तीनों लोगों को पुर्नवास के लिए रोहतक भेजा गया है। मानसिक रोगियों के लिए जिले में काम कर रही सामाजिक संस्था के सरंक्षक साहुन खान ने बताया कि नगीना व फिरोजपुर झिरका पुलिस द्वारा नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए लाये गए तीनों रोगियों की डॉक्टरों की रिपोर्ट आ गई है जिसमें साफ लिखा है कि ये पागल है।
मेवात से मांगने वाले भिखारी हुऐ गायब
जब से मेवात जिल् में महिलाओं के बाल कटने की घटना सामने आ रही हैं तभी से शहरी इलाकों से भिखारी गायब हो गए हैं। सरपंच फजरूदीन बेसर और पंचायत समिति सदस्य शमीम का कहना है कि भिखारियों ने डर की वजह से मेवात इलाका छोड़ दिया है। उनको डर है कहीं लोग उन्हें चोटी काटने वाला समझकर पीटने न लगें।