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CBI छापे की बदनामी से IAS अधिकारी की पत्नी-बेटी ने दी जान

Wed, 20 Jul 2016 08:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 20 Jul 2016 08:20 AM IST
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CBI raids for fear of insulting the mother-daughter lives, was married two months later
मां-बेटी ने दी जान - फोटो : अमर उजाला

महज चार दिनों के भीतर सत्यबाला की हंसती-खेलती जिंदगी में ऐसा तनाव आया कि वे इसका बोझ संभाल नहीं सकीं और बेटी के साथ मौत का दामन थाम लिया। पड़ोसियों और रिश्तेदारों की मानें, तो शनिवार को सीबीआई छापे के बाद से सत्यबाला काफी परेशान हो गई थीं। इसके बाद से ही मां-बेटी ने फ्लैट से बाहर निकलना बंद कर दिया था। उन्हें अपने परिवार के भविष्य की चिंता सताने लगी थी। उन्हें डर था कि इस दलदल में उनका बेटा भी तो नहीं फंस जाएगा। 

CBI raids for fear of insulting the mother-daughter lives, was married two months later
मां-बेटी ने दी जान - फोटो : अमर उजाला
सीबीआई ने सत्यबाला के बेटे योगेश बंसल से भी पूछताछ की थी, जिसके बाद डर की वजह से वह कहीं चला गया था। घूस लेकर मुंबई की किसी कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार हुए बीके बंसल के घर पर शनिवार दोपहर से शुरू हुई छापेमारी रविवार तड़के तक चली थी। सीबीआई की टीम ने घर के एक-एक सामान की तलाशी ली थी। इसके बाद सोमवार को एक बार फिर सीबीआई की टीम नीलकंठ अपार्टमेंट स्थित बीके बंसल के फ्लैट पर छापेमारी करने पहुंची थी। मंगलवार सुबह पांच बजे तक फ्लैट पर छापेमारी चली। इससे नेहा और सत्यबाला काफी तनाव में थीं।
CBI raids for fear of insulting the mother-daughter lives, was married two months later
मां-बेटी ने दी जान - फोटो : अमर उजाला

माना जा रहा है कि इसी तनाव को वे सहन नहीं कर सके और मौत को गले लगा लिया। पड़ोसियों ने बताया कि बदनामी के डर से नेहा व उसकी मां ने अपने आपको फ्लैट में कैद कर लिया था। शनिवार के बाद से किसी ने उनको फ्लैट के बाहर निकलते हुए भी नहीं देखा था।
पड़ोसियों से कम ही था मेलजोल- नीलकंठ अपार्टमेंट में सत्यबाला और उसके परिवार का पड़ोसियों से कम ही मेलजोल रहता था। करीब 12 साल से परिवार इस सोसायटी में रह रहा था, लेकिन पड़ोसियों के घर उनका आना-जाना न के बराबर था। अक्सर बस बाहर आते-जाते समय ये लोग हाय-हैलो कर लिया करते थे। नेहा सोसायटी के मंदिर में रोजाना जाती थी। वहीं कुछ पड़ोसियों से मुलाकात हो जाती थी। 

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CBI raids for fear of insulting the mother-daughter lives, was married two months later
मां-बेटी ने दी जान - फोटो : अमर उजाला

एक पड़ोसी ने बताया कि वर्ष 2004 में बीके बंसल ने सोसायटी में रहना शुरू किया था। वह पड़ोसियों से कम ही वास्ता रखते थे। योगेश भी लोगों से कम ही मिलता था। परिवार पहली मंजिल पर 3-बी में रहता था, जबकि इन लोगों ने दूसरी मंजिल पर 3-सी फ्लैट भी खरीद लिया था। बीके बंसल की गिरफ्तारी के बाद पड़ोसियों को सीबीआई की छापेमारी का पता चला। सीबीआई ने बंसल के कुछ पड़ोसियों से भी पूछताछ की है। 

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मां-बेटी ने दी जान - फोटो : अमर उजाला

कोई नहीं जानता था कि इतने बड़े पद पर है बंसल
सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष आरआर ओझा ने बताया कि अपार्टमेंट में किसी को पता ही नहीं था कि बीके बंसल इतने बड़े पद पर तैनात है। लोगों को बस इतना पता था कि कोई सरकारी नौकरी करते हैं। कुछ लोगों को बंसल ने बताया था कि वीआरएस लेकर प्रॉपर्टी कंसलटेंसी का काम शुरू कर दिया है।

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