हिंडन विहार के बी-48 फ्लैट में ऑपरेशन के दौरान जैसे ही एटीएस की टीम ने धावा बोला। वहां मौजूद नक्सलियों ने प्रतिरोध करने की कोशिश की, लेकिन एटीएस के कमांडो के आगे उनकी एक न चली। मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो नक्सलियों को काबू करने के दौरान उनकी जमकर धुनाई की गई।
नक्सलियों पर टूट पड़े थे एटीएस कमांडो, पहले फ्लैट में ही हुई जमकर धुनाई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछले एक सप्ताह पहले ही सामने की इमारत के फ्लैट में शिफ्ट करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर अभिषेक ने बताया कि उस दौरान नीचे से किसी के जोर से चिल्लाने की आवाज आई। जब नीचे झांककर देखा तो वहां कई कमांडो खड़े थे। फ्लैट में रहने वाले लोगों को कमांडो ने पकड़ रखा था। कमांडो उनके हाथ पीछे की ओर बांधने का प्रयास कर रहे थे और साथ-साथ पिटाई भी कर रहे थे। हमारी समझ में नहीं आया कि यहां एकाएक क्या हो रहा है।
इसके बाद हम लोगों ने अपने फ्लैट के खिड़की और दरवाजे बंद कर लिए। ऑपरेशन के बाद पता चला कि यहां नक्सली छुपे हुए थे और ऑपरेशन चला था। पड़ोसियों ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान एक महिला और उसका बच्चा बाहर आ गए थे तब कमांडो ने उनको अंदर जाने को कहा था और बताया था कि यहां आतंकी छुपे हुए हैं और आपका बाहर रहना खतरनाक साबित हो सकता है।
वहीं, एटीएस सीओ डॉ. अनूप सिंह ने बताया कि जैसे ही एटीएस के कमांडो उस फ्लैट में घुसे तो नक्सली खाना खाने जा रहे थे। खाने में मछली बनी हुई थी। एकाएक हमारे घुसते ही नक्सली इधर-उधर भागने लगे। हमने उन्हें हाथ ऊपर करने की चेतावनी दी। इसके बाद उन्हें काबू में करने के लिए कमांडो ने बल प्रयोग किया। फिर उनके हाथ पीछे की ओर बांधे गए और नीचे उतारा गया।
पांच मिनट से ज्यादा नहीं रुकते थे बाहरी लोग
मौके पर मौजूद वाचमैन रवि ने बताया कि नक्सलियों से मिलने के लिए बाहरी लोग आते थे, लेकिन पांच मिनट से ज्यादा नहीं रुकते थे। इनको लेने के लिए सुबह-सुबह कार आती थी, जिसका ड्राइवर बताता था कि बॉस को लेकर जाना है। इसके बाद वह शाम को ही वापस आते थे। यह लोग ज्यादा बातचीत नहीं करते थे और इनकी किसी पड़ोसी से दोस्ती भी नहीं थी। पड़ोसियों का कहना है कि यह बालकनी पर भी कभी कभार ही आते थे।