मौलवी के बहकावे में आकर खजाने के लालच में दोस्तों ने नाबालिग जुनैद की बलि दे दी थी। उसके निर्मम तरीके से टुकड़े-टुकड़े कर अलीगढ़ के पास खैर में सूखी नहर किनारे झाड़ियों में फेंक दिए।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बलि देने में इस्तेमाल छुरियां भी बरामद कर ली गई हैं। शरीर के टुकड़ों को नहर से छत-विक्षत हालत में बरामद किया है। पुलिस मौलवी और अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
एसएसपी मुनिराज जी. ने बताया कि एक जुलाई को मोहल्ला फर्राशान निवासी चिरागुद्दीन ने कोतवाली नगर में तहरीर दी थी। उसने कहा था कि बेटा जुनैद(16) 28 जून 2017 से लापता है। पुलिस जुनैद को तलाश कर रही ही थी। परिजनों के शक के आधार पर जुनैद के दो दोस्तों शादाब और मोहम्मद जैद को हिरासत में लिया।
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- फोटो : सोशल मीडिया
उन्होंने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले एक मौलवी ने बताया था कि उनके घर में एक गड्ढा है। जिसमें करोड़ों का खजाना छिपा है। यदि तुम किसी की बलि दोगे, तो खजाना मिल जाएगा। इस बात को लेकर जैद ने अपने भाई मोहम्मद जाहिद, मोहम्मद राशिद, आबिद व अपने साथी शादाब के साथ मिलकर मोहल्ले के ही अपने दोस्त जुनैद की बलि देने की योजना बनाई।
योजना के तहत दिनांक 28 जून को दोनों आरोपी जुनैद को शादाब की रिश्तेदारी में घूमाने के बहाने चौक बाजार में बुलाया और उसको अपने एटर्नो स्कूटर पर बीच में बैठाकर खैर(अलीगढ़) ले गए। इगलास जाने वाले रोड पर नहर किनारे ले जाकर जैद व शादाब ने छुरियों से टुकड़े-टुकड़े कर जुनैद की हत्या कर दी।