लाल किले के पास एक भीषण कार विस्फोट में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई है और 24 अन्य घायल हो गए। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, घटना में इस्तेमाल की गई कार का चालक कथित तौर पर फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से जुड़ा था, जहां से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की गई थी।
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दिल्ली धमाके में अपनों को खोने का दर्द
- फोटो : पीटीआई
धमाका सोमवार शामकरीब 6:52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक ट्रैफिक सिग्नल पर हुआ। दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने बताया कि एक धीमी गति से चल रही हुंडई आई20 कार में विस्फोट हुआ। कार में यात्री सवार थे और आसपास की अन्य गाड़ियां भी इसकी चपेट में आ गईं। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसने कई वाहनों को पूरी तरह से जला दिया और आसपास की इमारतों, कारों की खिड़कियों और मेट्रो स्टेशन के कांच के पैनलों को भी चकनाचूर कर दिया।
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दिल्ली पुलिस, एफएसएल, एनआईए और एनएसजी की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। दिल्ली अग्निशमन सेवा के अनुसार, आग पर काबू पाने के लिए दस फायर टेंडर मौके पर भेजे गए थे, जिन्हें रात 7:29 बजे तक सफलता मिली।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार, विस्फोट में इस्तेमाल की गई कार का चालक, पुलवामा निवासी डॉक्टर उमर मोहम्मद, फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से जुड़ा हो सकता है। इस मॉड्यूल से ही भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की गई थी। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि विस्फोट में अमोनियम नाइट्रेट, ईंधन तेल और डेटोनेटर का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। पुलिस का मानना है कि यह विस्फोट फरीदाबाद टेरर नेटवर्क से संबंधित हो सकता है।
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अस्पतालों में मची चीख पुकार
इस भयावह वारदात के बाद घायलों को एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया है। जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। घायलों में 12 दिल्ली के निवासी हैं, जबकि आठ अन्य राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के रहने वाले हैं।