नागिरकता संशोधन कानून के खिलाफ बृहस्पतिवार को लाल किला, मंडी हाउस, जंतर मंतर व जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में प्रदर्शन हुआ। इजाजत के बगैर लाल किला व मंडी हाउस में सड़क पर उतरे करीब 600 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसमें स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, शिक्षाविद हर्ष मंदर, छात्र नेता उमर खालिद, पूर्व सांसद धर्मवीर गांधी व संदीप दीक्षित, आइसा नेता सुचेता डे, यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के नदीम समेत दूसरे नेता भी शामिल थे।
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- फोटो : पीटीआई
पुलिस अस्थाई जेल में तब्दील बवाना के राजीव गांधी स्टेडियम व नांगलोई के सूरजमल स्टेडियम में सभी प्रदर्शनकारियों को भेज दिया। बृहस्पतिवार के अलग-अलग प्रदर्शनों में कहीं भी कोई हिंसा नहीं हुई। पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा।
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- फोटो : पीटीआई
इससे पहले साझी विरासत, साझी शहादत, साझी नागरिकता के बैनर तले नागरिक समाज से जुड़े लोगों ने लाल किला से दिल्ली गेट के नजदीक शहीद पार्क तक पैदल मार्च की काल दी थी। लेकिन पुलिस ने सुरक्षा कारणों से मार्च की इजाजत नहीं दी। साथ ही पूरे इलाके में धारा 144 लगा दी। वहीं, एहतियातन दिल्ली गेट से पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के नजदीक तक नेताजी सुभाष मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी थी।
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- फोटो : अमर उजाला
बावजूद इसके योगेंद्र यादव समेत दूसरे प्रदर्शन कारी लालकिले तक पहुंच गए। पुलिस ने धारा 144 का हवाला देते हुए प्रदर्शन कारियों को वापस लौटने की चेतावनी दी। इंकार करने पर सभी को बस में बिठाकर बवाना पहुंचा दिया। हालांकि, कुछ प्रदर्शनकारी दरियागंज से गुजरने वाले निषादराज मार्ग पर प्रदर्शन करते रहे। दोपहर करीब एक बजे इन लोगों ने अमनचैन की दुआ मांगते हुए नमाज भी अदा की।
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दूसरी तरफ बामपंथी दलों के आह्वान पर मंडी हाउस पर दोपहर करीब 12 बजे प्रदर्शन कारी जुटने लगे थे। इन्होंने मंडी हाउस से संसद मार्च का एलान किया था। पुलिस ने एहतियात भगवान दास रोड व आईटीओ से मंडी हाउस को जोड़ने वाली सड़क बंद कर दी थी।