राजधानी दिल्ली के बुराड़ी में एक घर में 11 मौतों के रहस्य से धीरे-धीरे पर्दा उठ रहा है। सभी डेडबॉडी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। हालांकि अभी तक इस मामले का पूरी तरह से खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस इसे सुसाइड मान रही है लेकिन भाटिया परिवार के सदस्य इसे बड़ा षड्यंत्र मान रहे हैं। आइए जानते हैं बच्चों की मौत को लेकर क्या कहती है पोस्टमार्टम रिपोर्ट...
1 घर 11 मौतें: बच्चे फंदा लगाने के लिए नहीं थे तैयार, निशान बता रहे अलग दास्तान
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पोस्टमार्टम हाऊस में मौजूद परिजनों ने बताया कि कुछ ही दिन पहले ध्रुव और शिवम नए जूते खरीदकर लाए थे। ये 10 जुलाई से स्कूल भी जाने वाले थे। इसलिए इन्होंने स्पोर्ट्स और ड्रेस के जूते खरीदे थे, रोते हुए परिजनों ने कहा कि अब ये जूते किस काम के।
सूत्रों के अनुसार, पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों ने शरीर का परीक्षण शुरू किया तो उसकी पीठ पर कई जगह लाल निशान थे। हालांकि फॉरेसिंक विशेषज्ञ इसकी कई आम वजह भी मान रहे हैं। इनका कहना है कि ज्यादा देर हाथ-पैर बंधा होने की वजह से भी निशान आ सकते हैं। वहीं सूत्रों का कहना है कि बुराड़ी के घर से मिले 11 शवों में चार लड़के-लड़की भी शामिल हैं।
प्रियंका के अलावा नीतू, मीनू, ध्रुव और शिवम के हाथ-पैर पर गहरे निशान पाए गए हैं। इनके हाथ-पैर बांधने के लिए टेलिफोन का तार और प्लास्टिक की रस्सी का इस्तेमाल किया था। यही नहीं सूत्रों की मानें तो कुछ लोगों के गले की हड्डी भी टूटी पाई है। हालांकि मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के फॉरेसिंक विभाग ने आधिकारिक पुष्टि से इंकार किया, लेकिन पहचान छिपाने की शर्त पर एक डॉक्टर ने बताया कि 10 लोगों के गले पर फंदे के निशान पाए हैं। उन्होंने ये भी बताया कि प्रियंका के गले पर गहरा निशान देखा गया है।