जीतू फौजी की गिरफ्तारी के बाद उसके परिजन पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाने लगे हैं। जीतू की गिरफ्तारी होने के बाद रविवार को उसके माता-पिता ने कहा कि सेना ही मेरे बेटे जीतू को इंसाफ दिलाएगी, सेना पर मुझे पूरा भरोसा है। पुलिस ने तो उनके निर्दोष बेटे को फंसा दिया। जब कि पुलिस के पास इंस्पेक्टर को गोली मारने के मामले में उनके बेटे के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं है। उन्होंने सेना के उच्चाधिकारियों से न्याय दिलाने की बात कही। पढ़ें पुलिस की बर्बरता की कहानी...
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बुलंदशहर हिंसा: जीतू के घर में आज भी हैं पुलिस की बर्बरता के निशान, फौजी की पत्नी पर भी ढाए जुल्म
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Mon, 10 Dec 2018 02:32 PM IST
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bulandshahr violence
- फोटो : अमर उजाला
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जीतू की गिरफ्तारी के बाद जीतू की मां रतनकौर बिलख पड़ीं। उसने बताया कि पुलिस उसके बेटे के खिलाफ झूठा आरोप लगा रही है। बेटे की गिरफ्तारी से दुखी पिता राजपाल ने कहा कि उन्हें पुलिस की कार्रवाई पर रत्ती भर विश्वास नहीं है। पुलिस तो इस घटना में निर्दोष लोगों को फंसाकर अपना पल्ला झाड़ रही है। उन्होंने कहा कि सेना के उच्चाधिकारी इस घटना में निर्दोष लोगों को अवश्य बचाएंगे और उन्हें इंसाफ दिलाएंगे।
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- फोटो : अमर उजाला
पिता का कहना है कि उनके पुत्र जीतू की छुट्टियां समाप्त हो गई थीं। वह ड्यूटी पर जाने की तैयारी कर रहा था। इस घटना से उसका कोई वास्ता नहीं है। यह कहते हुए पिता राजपाल सिंह का गला भर आया और आंखों से आंसू छलक आए। जीतू के पिता राजपाल बार-बार अपने निर्दोष पुत्र को पुलिस द्वारा जबरन फंसाने की बात कर रहे हैं। गिरफ्तारी के बाद से वृद्ध माता-पिता सदमे में हैं।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
जीतू के घर और गांव में पसरा सन्नाटा
स्याना। चिंगरावठी पुलिस चौकी पर हुए बवाल के नामजद आरोपी जीतू फौजी के घर और गांव महाब में रविवार को सन्नाटा पसरा रहा। कोई भी ग्रामीण कुछ बताने को तैयार नहीं दिखा। गांव में मीडियाकर्मियों के पहुंचने पर घरों के दरवाजे, खिड़कियों और छतों से बाहर झांकते लोग टकटकी लगाए देखते रहे। जीतू के घर के अंदर पुलिस की बर्बरता के निशान आज भी जस के तस हैं। पुलिस की तोड़फोड़ के चलते सामान बिखरा पड़ा था। जीतू की वृद्धा मां रतनकौर पशुओं की देखभाल में लगी हुई थी, जबकि पिता राजपाल पुलिस की हिरासत से पूछताछ के बाद घर लौट कर आए थे। जीतू के घर के आसपास के घरों के दरवाजे भी बंद दिखाई दिए।
स्याना। चिंगरावठी पुलिस चौकी पर हुए बवाल के नामजद आरोपी जीतू फौजी के घर और गांव महाब में रविवार को सन्नाटा पसरा रहा। कोई भी ग्रामीण कुछ बताने को तैयार नहीं दिखा। गांव में मीडियाकर्मियों के पहुंचने पर घरों के दरवाजे, खिड़कियों और छतों से बाहर झांकते लोग टकटकी लगाए देखते रहे। जीतू के घर के अंदर पुलिस की बर्बरता के निशान आज भी जस के तस हैं। पुलिस की तोड़फोड़ के चलते सामान बिखरा पड़ा था। जीतू की वृद्धा मां रतनकौर पशुओं की देखभाल में लगी हुई थी, जबकि पिता राजपाल पुलिस की हिरासत से पूछताछ के बाद घर लौट कर आए थे। जीतू के घर के आसपास के घरों के दरवाजे भी बंद दिखाई दिए।
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बड़ा बेटा भी छुट्टी लेकर आया
जीतू की मां रतनकौर ने बताया कि उसका बड़ा बेटा भी सेना में नौकरी करता है जो अपने भाई की नामजदगी होने के बाद छुट्टी लेकर आ गया है। लेकिन अभी तक वह महाब गांव के अपने घर पर नहीं आया है। रतनकौर ने बताया कि जीतू की पत्नी प्रियंका को पुलिस द्वारा दबिश के दौरान चोटें पहुंचाईं गईं। उसके हाथ और पैर में फैक्चर है तथा कान और शरीर के कई भागों में चोटें आई हैं, वह इलाज के बाद अपने मायके अंबरपुर गांव चली गई है।
जीतू की मां रतनकौर ने बताया कि उसका बड़ा बेटा भी सेना में नौकरी करता है जो अपने भाई की नामजदगी होने के बाद छुट्टी लेकर आ गया है। लेकिन अभी तक वह महाब गांव के अपने घर पर नहीं आया है। रतनकौर ने बताया कि जीतू की पत्नी प्रियंका को पुलिस द्वारा दबिश के दौरान चोटें पहुंचाईं गईं। उसके हाथ और पैर में फैक्चर है तथा कान और शरीर के कई भागों में चोटें आई हैं, वह इलाज के बाद अपने मायके अंबरपुर गांव चली गई है।