अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले ही केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को मोदी सरकार के चार वर्ष पर आयोजित एक विशेष संगोष्ठी में इंद्रजीत ने कहा कि मुझे भाजपा में सम्मान नहीं मिल रहा है। यहां एक सांसद का अपमान किया जा रहा है।
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khattar and rao inderjit singh
- फोटो : अमर उजाला
गुरुग्राम लोकसभा क्षेत्र में विकास नहीं होने की बात कहते हुए राव इंद्रजीत ने रविवार को मुख्यमंत्री को घेरा। वहीं, दोपहर में हीरो होंडा चौक और आईएमटी मानेसर अंडरपास के उद्घाटन के लिए राव इंद्रजीत मौके पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल का इंतजार करते रहे, लेकिन मुख्यमंत्री तय कार्यक्रम को छोड़कर दूसरे कार्यक्रम में पहुंच गए। इस पर राव इंद्रजीत ने राज्य सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
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उन्होंने मुख्यमंत्री को तीन साल और सात महीनों में हुए राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाने की चुनौती दे डाली। उन्होंने कहा कि सांसद की बेइज्जती की जा रही है। इसकी शिकायत वह केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से करेंगे । इंद्रजीत ने मुख्यमंत्री को घेरते हुए कहा कि राज्य सरकार ने अभी तक कुछ काम नहीं किया है और जो केंद्र सरकार ने काम किए उनका श्रेय राज्य सरकार ले रही है, जबकि सांसद को भी उसका श्रेय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पांच साल में अपना रिपोर्ट कार्ड लोगों को भी देना है। गुरुग्राम को राज्य सरकार स्मार्ट सिटी नहीं बना सकी और अब समस्याओं का भी समाधान नहीं हो रहा है।
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इंद्रजीत ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि आने वाले दिनों में राज्य सरकार का सांसदों को कोई सहयोग मिलेगा। विकास धरातल पर नहीं दिख रहा है। सरकार का ये रवैया परेशान कर रहा है। सांसद की जगजाहिर नाराजगी को देखते हुए सीएम मनोहर लाल ने भी जवाब देने में देरी नहीं की और मंच से ही अपने आप को राव इंद्रजीत सिंह का कायल बता दिया और कहा कि उन्होंने अपनी नाराजगी को दिल में नहीं रखा और तुरंत सामने रख दिया।
सीएम ने अपनी देरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को कारण बताया। इस मामले के बाद भाजपा बैकफुट पर आकर राव इंद्रजीत को मनाने में जुट गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला ने कहा कि राव साहब नाराज नहीं हैं। ये उनकी अच्छी बात है कि उन्होंने अपनी बातें सामने रख दीं। इसके बाद कोई नाराजगी नहीं रह जाती है ।