दिव्या काकरान के आरोपों पर केजरीवाल की सफाई, बोले- सभी जानते हैं हमारे काम डाले जा रहे अड़ंगे
एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वालीं महिला पहलवान दिव्या काकरान ने इस बात को लेकर दिल्ली सरकार की आलोचना की है कि खेलों से पहले उन्हें कोई मदद नहीं मिली। उन्होंने कहा कि जब हमें मदद की जरूरत होती है तब कोई मदद नहीं करता। अगर मुझे समय पर मदद मिली होती तो मैं स्वर्ण पदक भी जीत सकती थी।
काकरान ने 68 किलो भारवर्ग में ताइपे की चेन वेनलिंग को हराकर कांस्य पदक जीता। दिल्ली सचिवालय में आयोजित अभिनंदन समारोह में खिलाड़ियों के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से संवाद के दौरान दिव्या ने कहा कि जब मैंने राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीता तो आपने मुझे बुलाकर मदद करने का आश्वासन दिया।
लेकिन जब मैंने एशियाई खेलों की तैयारी के लिए चिट्ठी लिखकर मदद मांगी तो वह नहीं मिली। यहां तक कि किसी ने मेरा फोन भी नहीं उठाया। दिव्या ने कहा कि पड़ोसी राज्य हरियाणा के खिलाड़ी एशियाई खेलों में इसलिए बेहतर कर रहे हैं क्योंकि उन्हें राज्य से बड़ा समर्थन मिल रहा है।
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उन्होंने मुख्यमंत्री केजरीवाल से अपील की कि गरीब बच्चों की उस समय मदद की जाए जब उन्हें इसकी ज्यादा जरूरत हो। मुजफ्फरनगर में जन्मीं काकरान ने नोएडा सेक्टर 22 स्थित कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन से पढ़ाई की है।
काकरान के आरोप पर केजरीवाल ने सफाई दी। उन्होंने कहा, वह दिव्या की बात से सहमत हैं, लेकिन उनकी सरकार कामकाज के मामले में कई अड़ंगों का सामना कर रही है। दिल्ली सरकार की खेल संबंधी नीतियों में कुछ दिक्कतें हैं।
हमने सत्ता में आने के बाद से उनमें सुधार की कुछ कोशिशें की हैं। आप समाचारपत्रों में पढ़ते हैं कि कैसे हमारे काम में अड़ंगे लगाए गए हैं। किसी न किसी कारण से उच्चस्तर पर हमारी नीतियां रुक गई हैं।