रामलीला मैदान से अन्ना हजारे ने एक बार फिर हुंकार भरी है। इस बार वह सक्षम किसान, सशक्त लोकपाल और चुनाव सुधार की मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ अनशन पर बैठ गए हैं। उनके समर्थन में बड़ी तादाद में लोग रामलीला मैदान में पहुंचे है। अन्ना ने सत्याग्रह के मंच पर किसी भी राजनेता के प्रवेश पर रोक की बात कही है। (सभी फोटो- हिमांशु सोनी)
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- फोटो : himanshu soni
साथ ही कहा कि राजनीति से संबंधित इस्तीफे का शपथ पत्र भरकर ही कोई भी राजनीति से जुड़ा इंसान उनके मंच को सांझा कर सकता है। अन्ना ने कहा कि सक्षम किसान, सशक्त लोकपाल और चुनाव सुधार की मांगों को जब तक केन्द्र सरकार नहीं मानती वह अनशन नहीं तोडे़ंगे।
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इससे पहले शुक्रवार को अन्ना हजारे महाराष्ट्र सदन से राजघाट पहुंचे, जहां उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा को नमन किया। वहां से बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित शहीदी पार्क पहुंचकर उन्होंने शहीद भगत सिंह और सुखदेव और राजगुरु को श्रृद्धांजलि दी। उसके बाद अन्ना ने रामलीला मैदान पहुंचकर लोगों को संबोधित किया।
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उन्होंने कहा कि सरकार उनके आंदोलन को दबाना चाहती है। उन्होंने केंद्र सरकार पर आंदोलन में शामिल होने के लिए बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर दिल्ली के बॉर्डरों के बाहर ही रोके जाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली आने वाली कई ट्रेनों को भी रद्द कर दिया गया है।
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26 सदस्यों की कोर कमेटी है अन्ना की ताकत
सत्याग्रह में अन्ना के साथ मंच सांझा करने वाले लोगों में देश के अलग-अलग राज्यों से चुने गए 26 लोगों की कोर कमेटी के सदस्य शामिल हैं। अन्ना संगठन के जनसंपर्क अधिकारी जयकांत ने बताया कि इस बार अन्ना किसी भी तरह से आंदोलन को राजनीति का शिकार नहीं होने देना चाहते, इसलिए सिर्फ मजदूरों और किसानों की पैरवी करने वाले संगठनों को कोर कमेटी हिस्सा बनाया गया है।