अपराधी कितना भी शातिर हो, मगर कुछ सुराग छोड़ ही जाता है। ऐसा ही बेटे दीपक के साथ पति की हत्या कर शव के 10 टुकड़े करने वाली पूनम देवी के साथ हुआ है। पूनम ने अंजन दास की हत्या करने के बाद मोबाइल नंबर को पोर्ट करा लिया था। यही वह सुराग था जिससे पुलिस ने पांडव नगर में मानव शरीर के अंग मिलने की गुत्थी से पर्दा उठा दिया। पूनम ने अपना नंबर एयरटेल से जियो में पोर्ट करा लिया था। अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों के अनुसार जब नंबर पोर्ट करवाने के बाद मोबाइल कुछ दिन के लिए बंद आता है।
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अंजान दास का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
दूसरा मोबाइल पर बात करते हुए दीपक सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया था। हालांकि, दीपक मोबाइल पर बात नहीं कर रहा था बल्कि लोगों को गुमराह करने के लिए मोबाइल को कान पर लगा लिया था।
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Anjan Das murder case
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ऐसे में पुलिस ने इलाके का डंप डाटा उठाया और देखा कि उस समय कितने फोन चल रहे थे और कितने वारदात के बाद बंद हो गए। पुलिस ने एक लाख फोनों का डंप डाटा उठाया। डंप डाटा खंगालने के दौरान पुलिस को पता लगा कि पूनम देवी व अंजन दास के मोबाइल फोन उसी समय से बंद आ रहे हैं।
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Anjan Das murder case
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आरोपियों ने अंजन दास के मोबाइल सिम को तोड़कर फेंक दिया था। ये उसके मोबाइल हैंडसेट को चला रहे थे। डंप डाटा की डिटेल खंगालते हुए पूनम का नंबर बंद मिला और पुलिस पूछताछ करते हुए पूनम तक पहुंच गई।
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Anjan Das murder case
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स्थानीय लोगों ने सीसीटीवी कैमरों में कैद महिला की पहचान भी पूनम के रूप में की थी। शुरू में तो इन्होंने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और कहा कि अंजन दास बिहार गया है।