{"_id":"8a8956d909df7515bb52e299aea7ab7f","slug":"ameging-doors","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"क्या आपके घर में भी कभी ऐसे दरवाजे लगा करते थे?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्या आपके घर में भी कभी ऐसे दरवाजे लगा करते थे?
Sun, 16 Nov 2014 08:04 AM IST
Updated Sun, 16 Nov 2014 08:04 AM IST
विज्ञापन
क्या आपके घर में भी कभी ऐसे दरवाजे लगा करते थे?
1 of 8
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
पौराणिक मान्यता के अनुसार गुड़गांव महाभारत काल का है। इसको सिद्ध करने के लिए खांडसा स्थित एकलव्य का मंदिर है। इसके अलावा, यहां के गली-मोहल्लों के कई बंद दरवाजे शहर के पुरातन होने का राज खोलते नजर आते हैं। (रिपोर्ट व फोटोः यशलोक सिंह/डेजी वर्मा/अमर उजाला)
क्या आपके घर में भी कभी ऐसे दरवाजे लगा करते थे?
2 of 8
साइबर सिटी की गिनती अब आधुनिक शहर में होने लगी है पर यह काफी पुराना और ऐतिहासिक शहर है। गगनचुंबी इमारतों, चमचमाते मॉल्स और कॉरपोरेट कार्यालयों के बीच कुछ ऐसे अवशेष आज भी मौजूद हैं जो इस बात को प्रमाणित करते हैं यह एक प्राचीन शहर है। मुगलकालीन और अंग्रेजों के समय की कुछ धरोहरें गुड़गांव और इसके आसपास के क्षेत्रों में हैं।
क्या आपके घर में भी कभी ऐसे दरवाजे लगा करते थे?
3 of 8
गुड़गांव के सबसे पुराने रिहायशी क्षेत्रों में रोशनपुरा, जैकबपुरा और कमान सराय के नाम आते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र दो सौ से ढाई सौ वर्ष पहले बसा था। तब अंग्रेजों का राज यहां चलता था। यहां आज भी कुछ ऐसी इमारतें हैं जिनकी स्थापत्यकला और पच्चीकारी बताती हैं कि यह कुछ सदी पुरानी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्या आपके घर में भी कभी ऐसे दरवाजे लगा करते थे?
4 of 8
इन इमारतों में बंद दरवाजे और ताले इसके पुरातन होने का प्रमाण देते हैं। वहीं गांव वजीराबाद और बादशाहपुर में भी कुछ ऐसी हवेलियां और घर हैं जो हैं तो अपने जमाने की ऐतिहासिकता को बयां करती हैं।
विज्ञापन
क्या आपके घर में भी कभी ऐसे दरवाजे लगा करते थे?
5 of 8
यहां सदियों पुरानी इमारतों की स्थापत्यकला राजस्थान से प्रेरित रही है। इमारतों की बनावट और नक्काशी पूरी तरह से राजस्थानी कला से ओतप्रोत है। जानकारों का कहना है कि गुड़गांव की पुरानी इमारतों में बने आले, शिखर और दरवाजों पर खुदी नक्काशी का नजारा राजस्थान में बहुतायत में देखी जा सकती है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।