‘अमर उजाला फाउंडेशन’ की ओर से शुक्रवार को यदु पब्लिक स्कूल व श्याम सिंह स्मारक कन्या इंटर कॉलेज में ‘पुलिस की पाठशाला’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें एसएसपी डॉ.अजय पाल शर्मा ने छात्रों को सुरक्षा और साइबर क्राइम के प्रति जागरूक किया। वहीं अपराध के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ बचाव के तरीके भी बताए। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। छात्रों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए दैनिक जीवन में झगड़े होने पर पुलिस की भूमिका पर भी प्रकाश डाला और खूब तालियां बटोरीं।
जब पुलिस ने लगाई बच्चों के साथ पाठशाला, अपराध के प्रति किया जागरूक
एसएसपी डॉ. अजय पाल शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया जानकारी के लिए एक अच्छा साधन है, लेकिन उसको बेहद ही सतर्कता के साथ प्रयोग करना चाहिए। फेसबुक, व्हाटसएप, इंस्ट्राग्राम और ट्विटर का इस्तेमाल करना अच्छा है, लेकिन सुरक्षा से कभी समझौता नहीं करना चाहिए। फेसबुक से आपकी जानकारी लेकर अपराधी क्राइम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस के प्रति लोगों के नकारात्मक विचार होते हैं। मगर पुलिस भी वैसे ही होती है जैसा वहां का समाज होता है। इसलिए आप समाज के नए चेहरे हैं और आपको भविष्य में शहर, प्रदेश और देश चलाना है। इसलिए एक बेहतर समाज का निर्माण करें।
एसएसपी ने कहा कि सोशल साइट का इस्तेमाल करते वक्त सतर्क रहें। सोच समझकर दोस्त बनाएं। फेसबुक पर बहुत झूठी आईडी बनाई हुई होती हैं, ऐसे लोगों से दोस्ती करने से बचना चाहिए। इस दौरान बच्चों ने एसएसपी से कई सवाल भी पूछे। इस मौके पर एसएसपी ने बच्चों को यातायात पालन कराने के लिए नियमों की भी जानकारी दी और साथ ही हाथ उठवाकर परिजनों को भी यातायात के नियमों का पालन कराने के लिए अपील की।
श्याम सिंह स्मारक कन्या इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल गीता शर्मा ने कहा कि पुलिस की पाठशाला से छात्रों को बहुत कुछ सीखने को मिला है। अगर कोई शख्स परेशान करता है तो बिना डरे तुरंत पुलिस से मदद मांगनी चाहिए। पुलिस लोगों की मदद करने के लिए हैं। इस पाठशाला के जरिए छात्रों को साइबर क्राइम के बारे में जानने को मिला है। वहीं, यदु पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल मृणाली सिंह ने कहा कि पाठशाला के जरिए बच्चों की पुलिस को लेकर हिचक खुली है। उन्होंने अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा पुलिस की पाठशाला अभियान की तारीफ की। कहा कि एसएसपी को अपने बीच देखकर बच्चों की झिझक दूर होगी और करियर बनाने में भी मदद मिलेगी।
सेक्टर-49 थाना प्रभारी निरीक्षक अनिता चौहान ने कहा कि महिलाओं को अपने आप का कमजोर नहीं समझना चाहिए। राह चलती लड़कियों पर फब्तियां कसने वालों को सबक सिखाने के लिए हेल्पलाइन नंबर है। वहां पर फोन करके अपनी बात रख सकती हैं। मैं खुद एक महिला हूं, मगर पुलिस में कभी अपने आप को कमजोर महसूस नहीं दिया। वह अन्य पुलिस कर्मियों की तरह हर मौके पर अपने आप को आगे रखती हूं। एसएसपी गौतमबुद्धनगर डॉ. अजय पाल शर्मा ने कहा कि शिक्षक और अभिभावक के बताए रास्ते पर चलना चाहिए। वे हमेशा बच्चों के भले के लिए सोचते हैं। मैने अपने माता-पिता व शिक्षकों का सम्मान करते हुए मार्ग दर्शन लिया तो मैं और मेरा छोटा भाई पहले डॉक्टर बने, इसके बाद आईपीएस व आईएएस बने।