PICS : उलझने लगा सुनपेड, आरोपों से मेल नहीं खाते तथ्य
सीबीआई जांच और आरोपियों की बिना शर्त गिरफ्तारी की मांग के बीच बृहस्पतिवार को मधुबन एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लैब) से आई टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
PICS : उलझने लगा सुनपेड, आरोपों से मेल नहीं खाते तथ्य
टीम ने आरोपों के आधार पर तथ्यों को परखा। मौका ए वारदात की परिस्थितियां और लगाए गए आरोपों के बीच संबंध ढूंढने में टीम को मशक्कत करनी पड़ी। टीम ने जांच की शुरुआत कमरे के मुख्य दरवाजे से की। कुंडे के बेलन में लगी धुएं की कालिख का निरीक्षण किया।
PICS : उलझने लगा सुनपेड, आरोपों से मेल नहीं खाते तथ्य
टीम के सदस्यों का कहना था कि दरवाजा बंद रहने का मतलब कुंडे का एक सिरा चौखट में बने छेद के अंदर होना है। छेद में होने की वजह से बेलन के सिरे पर धुएं की कालिख नहीं लग सकती, जबकि इस मामले में सिरे पर कालिख पाई गई।
PICS : उलझने लगा सुनपेड, आरोपों से मेल नहीं खाते तथ्य
इसका मतलब था कि दरवाजा बाहर से खुला था। ग्रामीणों ने बताया कि दरवाजा बंद था और उस पर ताला लगा हुआ था जिसे लोगों ने तोड़कर खोला। जितेंद्र ने भी बताया कि उसने पत्नी बच्चों को मोखले के जरिये दूसरे कमरे में निकाला।
PICS : उलझने लगा सुनपेड, आरोपों से मेल नहीं खाते तथ्य
टीम को मोखले में किसी भी वस्तु के रगड़ने या घिसने के साक्ष्य नजर नहीं आए। टीम का मानना है कि सवा गुणे डेढ़ फुट के इस मोखले से शरीर का कोई अंग छुए बिना किसी का निकलना लगभग नामुमकिन है और जान बचाने के लिए भागने की सूरत में तो कतई नहीं।