दिल्ली-एनसीआर में खराब मौसम के कारण वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद नहीं दिख रही है। बुधवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बहुत खराब तो गाजियाबाद का एक्यूआई लगातार दूसरे दिन गंभीर श्रेणी में रिकॉर्ड किया गया।
दिल्ली-एनसीआर की हवा में नहीं हो रहा सुधार, गाजियाबाद की हालत गंभीर
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वहीं, यूपी के नोएडा, ग्रेटर नोएडा में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत खराब श्रेणी में ही बना हुआ है। सीपीसीबी ने मंगलवार को ही दिल्ली-एनसीआर की संबंधित एजेंसियों को बहुत खराब वायु गुणवत्ता में सुधार लाने की कोशिश तेज करने के लिए कहा है।
सीपीसीबी की ओर से बुधवार को जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के मुताबिक, दिल्ली का एक्यूआई 331, जबकि यूपी में बुलंदशहर का एक्यूआई 392, गाजियाबाद का एक्यूआई 406 रिकॉर्ड किया गया। 401 से 500 का एक्यूआई स्तर गंभीर वायु प्रदूषण को प्रदर्शित करता है। वहीं, ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 355, नोएडा का एक्यूआई स्तर 352 रहा। जबकि गुरुग्राम का एक्यूआई स्तर 231 रहा है।
लोगों के लिए हेल्थ एडवाइजरी
सीपीसीबी वायु गुणवत्ता का यह स्तर शाम चार बजे तक 24 घंटे का औसत स्तर है। सीपीसीबी के मुताबिक, 0-50 का एक्यूआई बहुत अच्छी हवा, 51 से 100 का एक्यूआई संतोषजनक, 101 से 200 का स्तर मध्यम श्रेणी, 201 से 300 का स्तर खराब, 301 से 400 का स्तर बहुत खराब, 401 से 500 का स्तर गंभीर श्रेणी वाली वायु गुणवत्ता को प्रदर्शित करता है। सीपीसीबी की हेल्थ एडवाइजरी में चेताया गया है कि लगातार बहुत खराब गुणवत्ता के प्रभाव में रहने पर न सिर्फ श्वास रोग संबंधी मरीजों को बल्कि आम लोगों को भी परेशानी हो सकती है।
आपात स्तर की ओर हवा में पीएम कण
दिल्ली-एनसीआर की हवा में पार्टिकुलेट मैटर 2.5 और 10 की मौजूदगी आपात स्तर के करीब पहुंच रही है। मंगलवार रात आठ बजे पीएम 2.5 का स्तर जहां 181 रहा। वहीं पीएम 10 का स्तर 349 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया। पीएम 10 हवा में मौजूद मोटे प्रदूषण कण हैं, जबकि पीएम 2.5 बेहद महीन और आंखों से न दिखने वाले प्रदूषण कण हैं। पीएम 10 का सामान्य स्तर 100 और पीएम 2.5 का सामान्य स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होता है। दोनों कण अपने सामान्य मानक से करीब चार गुना तक ज्यादा हैं।