नॉलेज पार्क स्थित एनआईईटी कॉलेज के बीफार्मा अंतिम वर्ष के छात्र और कॉलेज फुटबॉल टीम के कप्तान अभिषेक सिंह ने पबजी गेम खेलने के बाद खिड़की से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। अभिषेक (21) की कॉलेज में अटेंडेंस कम थी। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन की ओर से अभिषेक के परिजनों को फोन कर उसे परीक्षा में न बैठने की चेतावनी दी गई थी और उन्हें कॉलेज भी बुलाया गया था। पुलिस ने इसी डर व तनाव के चलते खुदकुशी की आशंका जताई है। मौके से मिले दो पेज के सुसाइड नोट में उसने लिखा है कि मम्मी-पापा सॉरी, आप दवा समय से लेते रहना। कॉलेज मेरे लिए नहीं बना।
पबजी खेलने के बाद फुटबॉलर ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में लिखा-‘सॉरी मां-पापा कॉलेज मेरे लिए नहीं बना’
मूलरूप से बरेली निवासी अजय कुमार सिंह रेलवे में सीडीएमएस पद पर कार्यरत हैं। उनका बेटा अभिषेक सिंह अल्फा-1 सेक्टर के डी ब्लॉक में किराये पर रहता था। मंगलवार देर रात तक पास के एक कमरे में वह दोस्तों के साथ मोबाइल में पबजी गेम खेल रहा था। देर रात लगभग डेढ़ बजे अचानक वह अपने कमरे में चला गया। बुधवार सुबह उसके भाई मयंक व अन्य दोस्तों ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने दरवाजे को धक्का देकर खोल दिया। भीतर कमरे में उसका शव पड़ा था। उसने एक खिड़की में प्लास्टिक की रस्सी बांधकर फांसी लगाई थी। सूचना पर पुलिस व फोरेंसिक टीम ने पड़ताल की। वहीं पुलिस ने कहा कि कुछ छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन की ओर से अभिषेक के परिजनों को फोन कर उसे परीक्षा में न बैठने की चेतावनी दी गई थी। इस आरोप की जांच की जाएगी।
पापा, आप चिंता मत करो मैं अटेंडेंस पूरी कर लूंगा
अभिषेक के पिता अजय सिंह ने बताया कि अटेंडेंस कम होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने अभिषेक की बात की थी, तो उसने कहा था कि पापा आप चिंता मत करों, मैं एक माह में अटेंडेंस पूरी कर लूंगा। अभिषेक मकान बदलना चाहता था और इसीलिए उसने छोटे भाई मयंक को दो दिन पहले अपने पास बुलाया था। उधर अभिषेक की खुदकुशी करने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में कॉलेज के छात्र और शिक्षक मौके पर पहुंचे।
सुसाइड नोट में किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया
कासना कोतवाली के जांच अधिकारी गजेंद्र ने बताया कि अभिषेक के लोअर की जेब से सुसाइड नोट मिला है। अंग्रेजी में लिखे दो पेज के नोट में उसने किसी को भी अपनी मौत के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है। नोट में अभिषेक ने अपने मम्मी-पापा, भाई मयंक, दोस्त कार्तिक, हिमांशु, जगमोहन समेत अन्य को सॉरी लिखा है। भाई मयंक से माता-पिता का ख्याल रखने को कहा है। उसने खुद के परेशान होने की बात भी लिखी है और यह भी लिखा है कि कॉलेज मेरे लिए नहीं बना। सुसाइड के पहले उसने अपना फेसबुक पेज भी बंद कर लिया।
अभिषेक ने खेल में कॉलेज का नाम रोशन किया। उसकी आत्महत्या की खबर सुनकर हम सभी बेहद स्तब्ध और शोक में हैं। - अविजित मजूमदार, निदेशक फार्मेसी कॉलेज एनआईईटी।
शहर ने खो दिया उभरता हुआ फुटबॉलर
‘सर मेरा मन पढ़ाई से अधिक फुटबॉल में लगता है। मैं पढ़ाई को अधिक समय नहीं दे पाता’ कुछ यही शब्द एक-डेढ़ वर्ष पहले अभिषेक सिंह ने फार्मेसी कॉलेज ऑफ एनआईईटी के निदेशक अविजित मजूमदार से कही थी। उसके अचानक सुसाइड कर लेने से शहर ने उभरता हुआ फुटबॉलर खो दिया है। निदेशक ने बताया कि उससे फुटबॉल भी खेलने और थोड़ा सा टाइम पढ़ाई के लिए भी निकालने के लिए समझाकर भेज दिया था। अभिषेक कॉलेज फुटबॉल टीम का कप्तान था और कॉलेज में लगातार फुटबॉल के ईवेंट में वह बेहतर प्रदर्शन करता था।