नेता छोड़ रहे केजरीवाल की पार्टी का साथ, इन 5 वजहों से जनता का बदल सकता है मूड
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भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर सत्ता में आई आम आदमी पार्टी की शुरुआत में बड़ें-बड़ें नाम वाले नेता पार्टी से जुड़े थे। अब इस पार्टी का हाल कुछ अलग हो गया है। बारी-बारी से कई नेता एक-एक कर पार्टी छोड़ते जा रहे हैं। हालांकि अचानक से ऐसे पार्टी छोड़ने का कारण सामने नहीं आ रहा है। हर कोई इस्तीफे में निजी कारण बता रहा है। हम आपको 5 कारण बता रहें है जिससे नेताओं के पार्टी छोड़ने के बाद आम आदमी पार्टी पर क्या असर पड़ेगा।
गलत संदेश
नेताओं द्वारा अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी छोड़ने के बाद जनता में पार्टी के प्रति गलत संदेश जाएगा। जनता को लगेगा कि केजरीवाल की पार्टी में कुछ तो गड़बड़ है। पार्टी से निकाले गए कई नेता यह बात कह चुके हैं कि केजरीवाल पार्टी में मनमानी कर रहे हैं।
पार्टी की निष्ठा टूटती है
नेताओं द्वारा पार्टी छोड़ने पर आम आदमी पार्टी की निष्ठा पर सवाल उठने लगे हैं। आप पार्टी के कई नेता पहले ही बागी बन गए थे। पार्टी को लेकर बागी नेता कपिल मिश्रा और कुमार विश्वास तो अकसर ही कहते रहे हैं कि जिस पार्टी को कार्यकर्ताओं की आवाज सुनने के लिए बनाया गया था। वह अपना काम भूल गई है।
तानाशाही का लग रहा है आरोप
नेताओं द्वारा आप पार्टी छोड़ने से पार्टी कमजोर होगी और इससे विपक्षी के पास मौका उसे निशाने पर लेने का। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कई नेताओं की आपस में नहीं बनती। इससे विपक्ष आप पार्टी पर हावी हो सकता है।
कार्यकताओं का मनोबल टूटता है
बागी नेता कपिल मिश्रा पहले से कहते आ रहे हैं कि आप पार्टी कार्यकताओं की सुनने वाली पार्टी है लेकिन अब ऐसा नहीं होता है। ऊपर से नेताओं का बारी-बारी से पार्टी को छोड़ना कार्यकताओं के लिए संकट बनता चला जा रहा है। इससे उनका मनोबल टूट रहा है।
तानाशाही का लग रहा है आरोप
आरोप है कि आम आदमी पार्टी से नेताओं के जाने की एक बड़ी वजह ये है कि चंद लोग मिलकर पार्टी के अहम फैसले ले लेते हैं और पार्टी के प्रमुख नेताओं तक से राय नहीं ली जाती। जैसे किस नेता को कहां से चुनाव लड़वाना है, किसे राज्यसभा भेजना है आदि। महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी सिर्फ केजरीवाल या कुछ और लोग मिलकर फैसले ले लेते हैं। इससे आम आदमी पार्टी एक तानाशाह का रूप लेते जा रही है। बता दें कि आशुतोष के बाद एक और पत्रकार आशीष खेतान ने भी आम आदमी पार्टी (आप) से इस्तीफा दे दिया है। खेतान ने पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को 15 अगस्त को ई-मेल से निजी कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा भेजा है।