फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

इन 11 कड़वे सच को स्वीकार किए बिना खुश नहीं रह सकते आप

Wed, 17 Jun 2015 06:10 PM IST
Updated Wed, 17 Jun 2015 06:10 PM IST
विज्ञापन

इन 11 कड़वे सच को स्वीकार किए बिना खुश नहीं रह सकते आप

11 Harsh true that can make you happy

कौन नहीं चाहता कि वह खुश रहे लेकिन खुशी पाने के लिए जरूरी है कि हम खुद में घर कर चुकी उन सच्चाइयों को स्वीकार करें जिन्हें हम स्वीकार करने से कतराते हैं। आइए जानते हैं अपनी जिंदगी से जुड़े ऐसे 11 सच जिन्हें स्वीकार करना भले ही आसान नहीं है लेकिन उन्हें स्वीकार करने की ताकत हमें असीम शांति और खुशी दे सकती है।

इन 11 कड़वे सच को स्वीकार किए बिना खुश नहीं रह सकते आप

11 Harsh true that can make you happy

हम अक्सर दुःखी रहते हैं क्योंकि हमारे बॉस या मां-बाप या कुछ करीबी लोग हमेशा हमारी गलतियों या कमियों की ओर इशारा करते रहते हैं। लेकिन हमें यह स्वीकार करना होगा कि कुछ लोग ऐसे ही होते हैं और उनकी आलोचना को स्वीकार करने की क्षमता हमें खुद में विकसित करनी होगी।

इन 11 कड़वे सच को स्वीकार किए बिना खुश नहीं रह सकते आप

11 Harsh true that can make you happy

अक्सर हम दुःखी हो जाते हैं क्योंकि जिसे हम अपना करीबी मानते हैं या जिसे हम प्यार करते हैं वह हमारे हिसाब से नहीं चलता। हम उसकी जिंदगी में अनावश्यक हस्तक्षेप करते हैं और उसे नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं जबकि हमारी शर्तों पर जीने से इंकार कर देता है। इसलिए हमें यह स्वीकार कर लेना चाहिए कि कोई हमारे कितना भी करीब क्यों न हो हम उसके जीवन को नियंत्रित नहीं कर सकते।

विज्ञापन
विज्ञापन

इन 11 कड़वे सच को स्वीकार किए बिना खुश नहीं रह सकते आप

11 Harsh true that can make you happy

जब हम कुछ नहीं कर पाते या असफल होते हैं तो अक्सर परिस्थितियों या दूसरों को इसके लिए दोषी बताना शुरु कर देते हैं। इस चक्कर में और भी दुःखी हो जाते हैं। जो चीजें हमारे नियंत्रण में नहीं हैं उन्हें दोष देने की बजाय जो कुछ हम कर सकते हैं उस पर ज्यादा उर्जा लगाएं तो हम खुश रह सकते है और जीवन में कुछ बेहतर कर सकते हैं।

विज्ञापन

इन 11 कड़वे सच को स्वीकार किए बिना खुश नहीं रह सकते आप

11 Harsh true that can make you happy

दुनिया में कुछ भी पूरी तरह सही या पूरी तरह गलत नहीं होता। हम उसे किस ढंग से देखते हैं यानि हमारा नजरिया ही सबकुछ निर्धारित करता। कई बार ऐसा होता है कि हमें कोई निर्णय बेहद बचकाना लगता है लेकिन दूसरे को वही फैसला सबसे सही लग सकता है। ऐसे में विवाद में पड़ने निराश होने की बजाय अगर हम दूसरे के नजरिए को भी समझने की कोशिश करें तो दूःखी होने से बच सकते हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed