हैदराबाद दुष्कर्म कांड के बाद देश में बलात्कारियों के खिलाफ गुस्सा था, इसका नतीजा यह हुआ कि जब राज्य की पुलिस ने उनका एनकाउंटर किया, तो पुलिस के ऊपर फूल बरसाए गए। कुछ ऐसा ही आक्रोश निर्भया दुष्कर्म मामले के बाद देखा गया था। हालांकि अब संभावना जताई जा रही है कि निर्भया के दोषियों को जल्द फांसी दे दी जाएगी। सिर्फ हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक, दिल्ली में निर्भया ही नहीं देश में कई ऐसी दुष्कर्म की घटनाएं घटी हैं जिससे देश का सिर शर्म से झुक गया है। आइए जानते हैं उन दस दुष्कर्म की घटनाओं के बारे में जिसने देश को तार-तार कर दिया...
वो 10 सबसे चर्चित दुष्कर्म कांड, जिसने देश का सिर शर्म से झुका दिया
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चंद्रपुर दुष्कर्म मामला
एक रिपोर्ट के अनुसार, 1972 में महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में आदिवासी लड़की का दो सिपाहियों ने दुष्कर्म किया। तब लड़की के बारे में कहा गया उसे कई लोगों से संबंध बनाने की आदत है। बाद में जिला अदालत ने पुलिस वालों को बरी करने का फैसला सुनाया। हालांकि महाराष्ट्र हाईकोर्ट ने जिला अदालत के फैसले पर रोक लगाते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया। बाद में हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया और उन सिपाहियों को सजा नहीं हो पाई।
नर्स दुष्कर्म मामला
1973 में सबसे चर्चित दुष्कर्म मामला मुंबई की नर्स का है। इस मामले में मुंबई की एक अस्पताल में काम करने वाली नर्स का अस्पताल के ही एक सफाई कर्मचारी सोहनलाल भर्था वाल्मीकि ने सोडोमी (अप्राकृतिक) दुष्कर्म किया था। लेकिन उस वक्त सोडोमी कानून अपराध की श्रेणी में नहीं रखा गया था जिससे सोहनलाल पर मामला दर्ज नहीं हो सका। हालांकि सोहनलाल के खिलाफ लूट और हत्या का प्रयास करने का मामला दर्ज किया गया था जिसके तहत उसे मात्र सात साल की जेल हुई।
राजस्थान दुष्कर्म मामला
राजस्थान के भतेरी गांव में काम करने वाली एक महिला का दुष्कर्म सालों तक चर्चाओं में रहा था और आज भी राजस्थान की राजनीति में तूफान लाने के लिए काफी है। 1992 में जब उन्होंने बाल विवाह के खिलाफ बोलना शुरू किया तो उनके साथ पांच लोगों ने दुष्कर्म किया। तब इस मामले को उस समय मीडिया ने खूब उछाला और पीड़िता के समर्थन में खबरें दिखाईं।
प्रियदर्शिनी मट्टू मामला
भारतीय इतिहास में एक और हत्या का मामला 1996 में सामने आया। 25 साल की प्रियदर्शिनी मट्टू दिल्ली में कानून की पढ़ाई कर रही थीं जिसका सतोष कुमार सिंह नामक एक शख्स ने उसी के घर में घुसकर उसकी हत्या कर दी। इस मामले में हाईकोर्ट ने स्थानीय अदालत के फैसले पर रोक लगाते हुए आरोपी को फांसी की सजा सुनाई, जिसे आजीवन कारावास में बदल दिया गया है।