अब आपको एंबुलेंस का रास्ता रोकना भारी पड़ सकता है। अगर ऐसा करेंगे तो आप फिर कभी गाड़ी नहीं चला पाएंगे।
ट्रैफिक निदेशालय के प्रोजेक्ट निरोग के तहत अब एंबुलेंस का रास्ता साफ करने की मुहिम शुरू की गई है। यदि किसी वाहन ने एंबुलेंस का रास्ता रोका तो उसका चालान किया जाएगा।
इसके तहत हर एंबुलेंस के आगे सीसीटीवी कैमरा लगाया जाएगा। कैमरे में कैद होने वाले वाहनों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। ट्रैफिक निदेशालय के निदेशक केवल खुराना ने इमरजेंसी में मरीजों को अस्पताल ले जाने वाली एंबुलेंस को रास्ता न देने पर कड़ी आपत्ति जताई है।
उन्होंने पाया किएंबुलेंस का हूटर बजने के बाद भी आगे चलने वाले वाहन चालक रास्ता देने में आनाकानी करते हैं। जबकि मानवीय आधार पर एंबुलेंस को पहले रास्ता दिया जाना चाहिए। इसी के तहत डीआईजी खुराना ने अस्पताल प्रशासन और एंबुलेंस संचालकों से बात कर प्रोजेक्ट निरोग तैयार किया है।
जिले भर में 157 के करीब एंबुलेंस हैं। खुराना के मुताबिक हर एंबुलेंस के आगे सीसीटीवी कैमरा लगाने का प्लान है। यह कैमरा एंबुलेंस संचालक द्वारा अपने खर्च पर लगाया जाएगा।